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₹25 हजार सैलरी, ₹20 हजार खेल खर्च! कैसे टूट रहे हैं नागपुर के युवा खिलाड़ियों के सपने, जानें पूरा गणित

Middle Class Athlete Struggles: नागपुर में मध्यमवर्गीय बच्चों के खेल पर संकट। क्रिकेट से लेकर एथलेटिक्स तक, जानें एक खिलाड़ी को तैयार करने का मासिक खर्च।

  • Written By: प्रिया जैस
Updated On: Feb 05, 2026 | 10:28 AM

क्रिकेट खेलते बच्चे (AI Generated Image)

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Nagpur Sports Cost: हर सुबह-शाम शहर के किसी न किसी मैदान पर पसीना बहाते बच्चे दिख जाते हैं। किसी के हाथ में बल्ला है, कोई रैकेट थामे है। कोई ट्रैक पर दौड़ रहा है तो कोई क्ले कोर्ट पर गेंद के पीछे भाग रहा है। इन सभी की आंखों में एक ही सपना है ‘अच्छा खिलाड़ी बनना।’ लेकिन इस सपने के रास्ते में सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी कोई टीम या खिलाड़ी नहीं बल्कि खर्च है। नागपुर जैसे शहर में खेल अब सिर्फ प्रतिभा और मेहनत का मामला नहीं रह गया है।

आज सवाल यह नहीं कि बच्चा कितना अच्छा खेलता है बल्कि यह है कि उसका परिवार कितना खर्च उठा सकता है। एक स्टेट या नेशनल खिलाड़ी को तैयार करना अब निम्न मध्यमवर्गीय परिवार के बस की बात नहीं रही। खासकर महानगरों में खेल पूरी तरह प्रोफेशनल हो गया है। सबसे सस्ता माने जाने वाला एथलेटिक्स भी इन परिवारों की पहुंच से दूर होता जा रहा है।

शुरुआत आसान, सफर मुश्किल

शुरुआत में सब ठीक लगता है। मासिक कोचिंग फीस, थोड़ा बहुत किट खर्च- परिवार जैसे-तैसे मैनेज कर लेता है लेकिन जैसे ही बच्चा टूर्नामेंट खेलने लगता है, असली परीक्षा शुरू होती है। एंट्री फीस, जिले या राज्य से बाहर आने-जाने का खर्च, बस/ट्रेन टिकट, भोजन, रहने की व्यवस्था, नई किट और जूते। यहीं से खेल शौक से बोझ बनने लगता है।

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हर खेल का अपना खर्चीला सच

  • क्रिकेट में कोचिंग और किट के साथ मैच खेलने का खर्च जुड़ते ही मासिक बजट ₹15-25 हजार तक पहुंच जाता है।
  • बैडमिंटन में शटल, कोर्ट फीस और लगातार टूर्नामेंट ट्रैवल जेब पर सीधा असर डालते हैं।
  • एथलेटिक्स जिसे सस्ता खेल माना जाता है, वहां भी स्पाइक्स, डाइट और बाहर की स्पर्धाएं भारी पड़ती हैं।
  • टेनिस तो शुरू से ही महंगा खेल है जहां सिर्फ ट्रेनिंग ही कई परिवारों की पहुंच से बाहर है।

अहम फैसला : खेल जारी रखें या पढ़ाई पर फोकस करें?

लोअर मिडिल क्लास परिवार जिनकी मासिक आय 25-40 हजार रुपए के आसपास होती है, उनके लिए यह खर्च लगातार असंभव बनता जाता है। ऐसे हर घर में एक मोड़ आता है- ‘अब खेल जारी रखें या पढ़ाई पर फोकस करें?’ अक्सर यह फैसला बच्चे के खिलाफ जाता है। 14–16 साल की उम्र में, जब खिलाड़ी असली फॉर्म में होता है, तभी उसे खेल छोड़ने पर मजबूर होना पड़ता है। वजह साफ है- मैच खेलने का पैसा नहीं होना।

निजी अकादमियां महंगी

खिलाड़ियों के लिए सरकारी सुविधाएं न के बराबर हैं। खेल की बारीकियां सीखने के लिए निजी अकादमियां हैं लेकिन वह बहुत महंगी है। बच्चों का स्कॉलरशिप बहुत कम है, टैलेंट स्काउटिंग कमजोर है। नतीजा यह कि स्टेट और नेशनल लेवल तक वही पहुंचते हैं जिनके पास आर्थिक सहारा होता है। बाकी खिलाड़ी सिर्फ ‘काबिल थे’ बनकर रह जाते हैं।

खेल को अवसर बनाना होगा

स्कूल और वार्ड लेवल पर मुफ्त प्रतियोगिताएं हों, ट्रैवल और एंट्री फीस में सरकारी सहयोग मिले, खेल को ‘लक्ज़री’ नहीं बल्कि अवसर बनाया जाए। अगर खेल सिर्फ वही खेल पाएंगे जो खर्च उठा सकते हैं तो देश अनगिनत ऐसे खिलाड़ियों को खो देगा जिनके पास हुनर था, हौसला था, बस जेब मजबूत नहीं थी।

यह भी पढ़ें – मुआवजा मिला तो खुद ही घर तोड़ने लगे लोग; पुराना भंडारा डीपी रोड के चौड़ीकरण ने पकड़ी रफ्तार

प्रमुख खेलों में कम से कम न्यूनतम मासिक खर्च (स्टेट या नेशनल लेवल)

क्रिकेट

  • कोचिंग फीस : ₹2,000 – ₹4,000
  • ग्राउंड/नेट चार्ज : ₹1,000 – ₹2,000
  • बैट, पैड, ग्लव्स, हेलमेट, शूज़ आदि : ₹6,000 – ₹12,000
  • टूर्नामेंट एंट्री फीस : ₹1,000 – ₹2,000
  • ट्रैवल+भोजन व अन्य (जिला/राज्य स्तर) : ₹5,000 – ₹8,000
  • कुल मासिक खर्च : ₹15,000 – ₹28,000

बैडमिंटन

  • कोचिंग फीस : ₹3,000 – ₹4,000
  • कोर्ट फीस/शटल : ₹1,000 – ₹2,000
  • रैकेट, शूज़, ग्रिप, शटल : ₹2000 – ₹3,000
  • प्रति टूर्नामेंट एंट्री फीस : ₹500 – ₹1,000
  • ट्रैवल : ₹1,500 – ₹2,500
  • भोजन/अन्य : ₹2,000 – ₹4,000
  • कुल मासिक खर्च : ₹10,000 – ₹16,500

एथलेटिक्स

  • कोचिंग+जिम : ₹ 1,500 – ₹2,000
  • स्टेडियम/ट्रैक चार्ज : ₹300 – ₹ 500
  • रनिंग शूज+किट : 4,000 – 7,000,
  • टूर्नामेंट एंट्री फीस : ₹200 – ₹400
  • ट्रैवल (अक्सर बाहर) : ₹5,000 – ₹7,000
  • भोजन+डायट : ₹7,000 – ₹10,000
  • फिजियो+स्पोर्ट्स मसाज – 4,000-6,000
  • कुल खर्च : 22,000-33,000

टेनिस

  • प्रीमियम कोर्ट : ₹4,000-6,000
  • पर्सनल कोच : ₹5,000-7,000
  • रैकेट / स्ट्रिंग : ₹3,000-5,000
  • फिटनेस + फिजियो : ₹3,000-5,000
  • टूर्नामेंट / यात्रा : ₹4,000-6,000
  • कुल : ₹19,000 – ₹29,000

– नवभारत लाइव पर नागपुर से जयदीप रघुवंशी की रिपोर्ट

Nagpur sports cost rising middle class athletes financial burden

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Published On: Feb 05, 2026 | 10:28 AM

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