वर्धा में 'राम भरोसे' सरकारी दफ्तर, सुबह 10 बजे तक साहब गायब, जनता कर रही दफ्तरों के बाहर इंतजार!

Wardha News in Hindi: वर्धा जिले के कारंजा-घाडगे क्षेत्र में सरकारी दफ्तरों में 10 बजे तक लटके रहते हैं ताले। कर्मचारी 11 बजे तक गायब। नागरिकों की बढ़ी परेशानी।
Karanja Ghadge Govt Office Timing
कारंजा में खाली सरकारी दफ्तर (सौजन्य-नवभारत)
Published on
Updated on

Karanja Ghadge Govt Office Timing: राज्य सरकार द्वारा सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू कर कार्यालयीन समय सुबह 9.45 से शाम 6.15 बजे तक निर्धारित किया गया है। इस निर्णय को लागू हुए डेढ़ से दो वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन कारंजा शहर में कई सरकारी कार्यालयों में इस समय सारिणी का पालन होता नहीं दिख रहा है।

कारंजा शहर के विभिन्न सरकारी कार्यालयों का निरीक्षण करने पर यह स्पष्ट हुआ कि कई विभागों में कर्मचारी और अधिकारी सुबह 10 बजे के बाद भी उपस्थित नहीं रहते। विशेष रूप से कृषि विभाग के कार्यालयों में यह स्थिति देखने को मिली, जहां कर्मचारी एक-एक कर देर से कार्यालय पहुंचते हैं।

बताया जा रहा है कि नागपुर, अमरावती, वर्धा और आर्वी से आने-जाने वाले कई कर्मचारी साढ़े दस या कभी-कभी ग्यारह बजे तक मुख्यालय पहुंचते हैं। सरकार ने कर्मचारियों का कार्य तनाव कम करने और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से पांच दिवसीय कार्य सप्ताह और शनिवार-रविवार की पूर्ण छुट्टी लागू की थी। इसके बावजूद कर्मचारियों द्वारा संशोधित समय का पालन न करना प्रशासनिक अनुशासन पर सवाल खड़े करता है।

कृषि सहित अन्य विभागों के दफ्तरों में वहीं स्थिति

वार्ड क्रमांक 15 स्थित कृषि विभाग कार्यालय में सुबह 10 बजे के बाद भी कोई अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं था। 10:15 बजे तक भी कार्यालय खाली पाया गया। इसी तरह 31 दिसंबर को पंचायत समिति कार्यालय के निरीक्षण के दौरान सुबह 10 बजे तक केवल गट शिक्षण अधिकारी विना धावडे ही उपस्थित थी, जबकि दो-तीन कर्मचारियों को छोड़कर पूरा कार्यालय खाली नजर आया।

पंचायत समिति से सटे जलापूर्ति विभाग के कार्यालय में भी चपरासी और एक कर्मचारी को छोड़कर कोई अधिकारी या कर्मचारी उपस्थित नहीं था। इसी प्रकार वार्ड क्रमांक 15 में स्थित कृषि मंडल कार्यालय (सारवाड़ी) में साढ़े दस बजे तक केवल चपरासी ही मौजूद पाया गया। यह स्थिति किसी एक दिन की नहीं, बल्कि रोजमर्रा की है।

कर्मचारियों की बढ़ी मनमानी

ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले नागरिक अपने शासकीय कार्यों के लिए समय पर कार्यालय पहुंचते है, लेकिन उन्हें कर्मचारियों की प्रतीक्षा करनी पड़ती है। अधिकारियों द्वारा इस पर आंख मूंदे रहने से कर्मचारियों की मनमानी बढ़ती जा रही है।

कारंजा राष्ट्रीय महामार्ग पर स्थित होने के कारण यहां अनेक सरकारी कार्यालय हैं, लेकिन अधिकांश कार्यालयों में समय पर उपस्थिति न होना आम बात बन गई है। नागरिकों ने वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि वे इस ओर गंभीरता से ध्यान दें और लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई कर अनुशासन कायम करें।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com