मृतक आम्रपाली और रोशनी (सौजन्य-नवभारत)
Nagpur Factory Blast Death Toll: नागपुर जिले के काटोल तहसील के राउलगांव स्थित एसबीएल एनर्जी लिमिटेड की एक्सप्लोसिव फैक्ट्री में 1 मार्च को हुए भीषण ब्लास्ट में घायल दो और महिला कर्मचारियों की इलाज के दौरान मौत हो गई। आम्रपाली अनिल कालसर्पे (38) ने 7 मार्च की रात नागपुर के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली, जबकि 28 वर्षीय रोशनी सूर्यकांत उमाठे ने रविवार दोपहर 2 बजे ऑरेंज सिटी हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। इसके साथ ही इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है।
बताया जाता है कि 1 मार्च की सुबह करीब 7 से 8.30 बजे के बीच फैक्ट्री की 16-बी और 20-बी नॉनल क्रिम्पिंग यूनिट में एक के बाद एक कई जोरदार धमाके हुए थे। धमाकों की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। एसबीएल ब्लास्ट हादसे में अब तक 20 महिलाएं और 2 पुरुष मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक मजदूर झुलसकर घायल हुए हैं और उनका नागपुर के विभिन्न अस्पतालों में उपचार जारी है।
मृतक आम्रपाली कालसर्पे के पति का दो वर्ष पहले ही निधन हो चुका था। उनके दो बच्चे आर्या (14) और उमंग (12) हैं। मां के निधन से दोनों बच्चों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और वे अब बेसहारा हो गए हैं। वहीं, रोशनी उमाठे का सात वर्षीय बेटा आरुष अपनी मां का इंतजार करता रह गया। रविवार को रोशनी के पति सूर्यकांत के चचेरे भाई की शादी थी, जिससे पूरा परिवार खुशी के माहौल में था।
इसी दौरान रोशनी की मौत की खबर शादी के मंडप में पहुंची और खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं। रोशनी और सूर्यकांत की शादी को दस वर्ष हो चुके थे और दोनों पति-पत्नी एसबीएल कंपनी में काम कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। रोशनी की मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में भीड़ लगाकर मुआवजे को लेकर हंगामा किया।
यह भी पढ़ें – महाराष्ट्र बजट के असली ‘शिल्पी’ आशीष जायसवाल! ‘दादा’ के जाने के बाद कैसे संभाली मुश्किल कमान?
इस घटना के बाद एक्सप्लोसिव इंडस्ट्री में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय विधायक चरण सिंह ठाकुर ने विधानसभा में मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, नागरिकों, सामाजिक संगठनों और पूर्व जिप सदस्य सलिल देशमुख ने भी एक्सप्लोसिव उद्योगों में सख्त सुरक्षा नियम लागू करने की मांग की है।