SBL Blast: 80% तक झुलसीं 17 महिलाएं लड़ रहीं मौत से जंग, ढवलापुर में पसरा मातम...किसी ने नहीं मनाई होली

SBL Energy Ltd Blast Katol: काटोल एसबीएल ब्लास्ट में पीड़ित 17 महिलाएं मौत से लड़ रही हैं जंग। ढवलापुर की 3 महिलाओं समेत 19 की मौत। गांव में नहीं जली होली, छाया मातम।
17 women workers fight for life after SBL Energy blast in Katol. Dhavlapur and Kohli villages skip Holi celebrations to mourn the loss of 19 victims.
एसबीएल विस्फोट (सौजन्य-नवभारत)
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Nagpur Industrial Accident: काटोल तहसील के राऊलगांव के समीप एसबीएल एनर्जी लिमिटेड में 1 मार्च को हुए भीषण विस्फोट मे गंभीर घायल 17 मजदूर महिलाओं की मौत से लड़ाई जारी है। कई महिलाएं अब भी गंभीर स्थिति में बताई जा रही हैं। घटना में 18 कामगारों की घटनास्थल पर तथा एक महिला मजदूर की उपचार दौरान मृत्यु हो गई है।

काटोल तहसील के ढवलापुर गांव की 3 महिलाओं की मृत्यु से संपूर्ण ढवलापुर गांव में शोक का माहौल है जिसके कारण गांव में इस वर्ष होली का त्योहार किसी ने नहीं मनाया। एसबीएल एनर्जी लिमिटेड राऊलगांव में 1 मार्च को हुए डिटोनेटर नोजल किम्पिंग प्लांट में भीषण विस्फोट से कुल 19 मजदूरों की मृत्यु हो गयी। हादसे में 17 महिला मजदूर गंभीर घायल हैं जिनका ऑरेंज सिटी हॉस्पिटल में मौत से लड़ाई जारी है।

एसबीएल कंपनी के हादसे में मृत महिला मजदूर तथा 2 पुरुष मजदृरों का मेडिकल कॉलेज में उनके परिजनों के डीएनए मिलान कर पहचान की गई। 2 मार्च की दोपहर से रात तक सभी 19 मृत देह पुलिस तथा प्रशासन ने मृतकों के परिजन को सौंप दिए। सभी का 2 मार्च की देर रात तक अंतिम संस्कार कर दिया गया।

गांव में नहीं मनाई गई होली

ढवलापुर लगभग 2000 जनसंख्या का गांव है। एसबीएल कंपनी में हुए भीषण विस्फोट में ढवलापुर गांव की प्रतिभा सुरेश वालके (34), दुर्गा सुनील गायकवाड (43), संगीता प्रभाकर पंचभाई (39) की मृत्यु हुई तथा भारती चंद्रकात शे़डे (30) महिला मजदूर गंभीर घायल हैं। हादसे में मृत प्रतिभा वालके का 2 मार्च की रात 10.30 बजे तथा दुर्गा गायकवाड का रात 12.30 बजे अंतिम संस्कार किया गया।

ढवलापुर की मृत महिला कामगार संगीता का अंतिम संस्कार काटोल नागपुर मार्ग पर स्थित आजनगांव में किया गया। गांव की 3 महिलाओं की मृत्यु से शोक संतप्त ढवलापुर ग्राम पंचायत ने गांव में होली का दहन तथा रंगपंचमी का त्योहार न मनाने का निर्णय लिया।

ढवलापुर के सरपंच शेषराव ठाकरे ने बताया कि गांव की 3 महिलाओं की मृत्यु से सभी को धक्का लगा है। रोजगार न होने के कारण पेट पालने के लिए ढवलापुर की महिलाएं बारूद कंपनी में काम के लिए जाती हैं। सरकार ने मुआवजा तो दिया है, पर सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।

80 फीसदी तक जलीं

ऑरेंज सिटी में 17 महिला कामगार मौत से लड़ाई लड़ रही हैं। उनकी हालत भी चिंताजनक है क्योंकि इनमें भी बहुतांश महिला मजदूर 40 से 80 प्रतिशत जक जली हुईं हैं। कोहली गांव के गणेश नामदेराव टोगे 45 की एसबीएल हादसे में मृत्यु हुई।

कोहली गांव में 2 मार्च की देर रात गणेश टोंगे का अंतिम संस्कार किया गया। गणेश टोंगे गत 14 वर्ष से एसबीएल कंपनी में इंचार्ज थे। उनकी पीछे उनकी पत्नी रूपाली 40, 2 बेटियां मृणाली 14 तथा केतकी 9 वर्ष की है। कोली गांव में भी गणेश टोंगे की मृत्यु से सन्नाटा है। गांव में भी होली तथा रंगपंचमी नहीं मनाई गई।

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