Nagpur News: नायलॉन मांजा से पतंगबाजी पड़ी महंगी, ग्रामीण में 5 मामले दर्ज, 5750 रुपए का माल जब्त

Nylon Manja Ban: नागपुर ग्रामीण जिले में प्रतिबंधित नायलॉन मांजा के उपयोग और बिक्री के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 5 मामले दर्ज किए और 5,750 रुपए का माल जब्त किया।
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Nylon Manja Ban:नागपुर ग्रामीण जिले (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Nagpur Rural Police: नागपुर ग्रामीण जिले में पर्यावरण के लिए घातक और मानव जीवन के लिए अत्यंत खतरनाक प्रतिबंधित नायलॉन मांजा के उपयोग और बिक्री के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। विभिन्न थाना क्षेत्रों में नायलॉन मांजा से पतंग उड़ाने और उसकी बिक्री करने वाले आरोपियों के खिलाफ कुल 5 अपराध दर्ज किए गए हैं। इस दौरान 9 नायलॉन मांजा चकरी सहित कुल 5,750 रुपए का माल जब्त किया गया।

कन्हान पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर पिपरी, कन्हान निवासी शुभम भोजराज गोंडाणे (32) को अपने घर की छत पर नायलॉन मांजा से पतंग उड़ाते हुए पकड़ा। उसके पास से 800 रुपए कीमत की नायलॉन मांजा चकरी जब्त की गई। इसी तरह महालगांव कापसी निवासी प्रयास अनिल खेवले (19) को टेकाड़ी स्थित हनुमान मंदिर के पीछे मैदान में नायलॉन मांजा से पतंग उड़ाते हुए पकड़ा गया। उसके पास से 500 रुपए की नायलॉन मांजा चकरी बरामद की गई। दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज किया गया।

प्रतिबंधित नायलॉन मांजा की बिक्री

कोंढाली थाना क्षेत्र में कोंढाली निवासी पंकज अजाब सरोदे (40) को नायलॉन मांजा से पतंग उड़ाते हुए पकड़ा गया, जिसके पास से 2 नायलॉन मांजा चकरी जब्त की गई। वहीं काटोल थाना क्षेत्र के अन्नाभाऊ साठे नगर, काटोल में यश मुकेश कावले (20) को प्रतिबंधित नायलॉन मांजा की बिक्री करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। उसकी दुकान से 3 नायलॉन मांजा चकरी, जिनकी कीमत 2,400 रुपए बताई गई है, जब्त की गई।

कुल 5 अपराध दर्ज

एमआईडीसी बोरी पुलिस ने टेभरी, हिंगना निवासी विशेष देवीदास मेश्राम (19) को नायलॉन मांजा से पतंग उड़ाते हुए पकड़ा। उसके पास से 3 नायलॉन मांजा चकरी (कीमत 1,450 रुपए) बरामद की गई। पूछताछ में उसने बताया कि उसने यह मांजा टाकलघाट निवासी विजय महादेवराव डबुरकर (55) की दुकान से खरीदा था। दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार, प्रतिबंध के बावजूद नायलॉन मांजा का उपयोग और बिक्री करना पर्यावरण, पक्षियों और आम नागरिकों के लिए गंभीर खतरा है। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 125, 223 तथा पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की धारा 5 और 15 के तहत कुल 5 अपराध दर्ज किए गए हैं।

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