रिक्रूटमेंट, ट्रेनिंग और 25 हजार सैलरी; नागपुर में पकड़ी गई चोरों की अनोखी ‘कंपनी’, परफॉरमेंस पर मिलता था बोनस
Nagpur RPF Theft Gang: नागपुर में आरपीएफ ने सैलरी पर चोरी करवाने वाले गिरोह का किया पर्दाफाश। युवाओं को 25 हजार वेतन और ट्रेनिंग देकर बनाया जाता था चोर। 3 गिरफ्तार।
- Written By: अनिल सिंह
Nagpur RPF Corporate Theft Gang
Nagpur RPF Corporate Theft Gang: नागपुर से अपराध का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसे सुनकर पुलिस और आम जनता, दोनों हैरान हैं। शिक्षा के बावजूद बेरोजगारी और आर्थिक तंगी का फायदा उठाकर युवाओं को अपराध की दुनिया में धकेलने वाले एक ‘कॉर्पोरेट’ स्टाइल चोर गिरोह का रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह किसी बहुराष्ट्रीय कंपनी की तरह युवाओं का रिक्रूटमेंट करता था, उन्हें ट्रेनिंग देता था और बाकायदा मासिक वेतन (Salary) पर चोरी करवाता था।
आरपीएफ सुरक्षा आयुक्त दीपचंद्र आर्य के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई ने अपराध के एक नए और संगठित स्वरूप को उजागर किया है।
भर्ती से लेकर ट्रेनिंग तक का ‘कॉर्पोरेट’ सफर
जांच में खुलासा हुआ है कि इस गिरोह का सरगना बिहार के खगड़िया जिले का रहने वाला है। वह साल भर ऐसे बेरोजगार युवाओं पर नजर रखता था जो आर्थिक तंगी या अवसाद से जूझ रहे हों। उन्हें 15,000 से 25,000 रुपये मासिक वेतन का लालच देकर भर्ती किया जाता था। शुरुआत में उन्हें काम की प्रकृति के बारे में भ्रम में रखा जाता था, लेकिन धीरे-धीरे उन्हें ‘प्रोफेशनल चोर‘ बनने का प्रशिक्षण दिया जाता था।
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‘परफॉरमेंस’ के आधार पर सैलरी और इंक्रीमेंट
इस गैंग की कार्यप्रणाली बेहद चौंकाने वाली है:
स्पेशल ट्रेनिंग: नए सदस्यों को पहले छोटी-मोटी चोरियों का प्रशिक्षण दिया जाता था।
अखबार का बहाना: गिरोह के सदस्य ट्रेनों और सार्वजनिक स्थानों पर अखबार पढ़ने का नाटक करते थे ताकि लोगों का ध्यान भटकाकर कीमती सामान उड़ा सकें।
इंक्रीमेंट: जैसे-जैसे सदस्य बड़ी चोरियों को अंजाम देने में माहिर होते थे, उनका वेतन बढ़ा दिया जाता था। यानी ‘अच्छे प्रदर्शन’ पर उन्हें प्रमोशन और बोनस भी मिलता था।
तीन सदस्य गिरफ्तार, सरगना की तलाश जारी
आरपीएफ ने इस मामले में गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान कैलाश दास (42, खगड़िया, बिहार), मिथिलेश शाह (29) और किशन निषाद (22, छत्तीसगढ़) के रूप में हुई है। पकड़े गए आरोपियों के पास से चोरी का माल बरामद किया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के मुख्य सरगना की तलाश कर रही है, जो बिहार से बैठकर इस पूरे सिंडिकेट को ऑपरेट कर रहा है।
यह मामला कार्यस्थल की सुरक्षा और युवाओं के भटकते रास्तों पर एक बड़ी चेतावनी है। नागपुर पुलिस और आरपीएफ अब अन्य रेलवे स्टेशनों पर भी इस गिरोह के नेटवर्क की जांच कर रही है।
