

Anjali Damania Ashok Kharat Case: नासिक के स्वयंभू 'गॉडमैन' अशोक खरात का मामला अब केवल वित्तीय ठगी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने महाराष्ट्र के पुलिस प्रशासन और राजनीति में भूकंप ला दिया है। सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने एक सनसनीखेज वीडियो और तस्वीरें साझा करते हुए नासिक मंडल के पुलिस महानिरीक्षक (IG) दत्ता कराले पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दमानिया के इस दावे ने जांच की दिशा अब सीधे उच्च पदस्थ अधिकारियों की ओर मोड़ दी है।
इससे पहले, राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रूपाली चाकणकर को खरात के साथ बढ़ती नजदीकियों और विवादों के कारण अपने पदों से इस्तीफा देना पड़ा था।
अंजलि दमानिया ने सोशल मीडिया पर साक्ष्य पेश करते हुए सवाल उठाया कि आईजी स्तर का अधिकारी एक विवादित व्यक्ति के कार्यक्रम में क्या कर रहा था? उन्होंने दावा किया कि दत्ता कराले न केवल कार्यक्रम में मौजूद थे, बल्कि उन्होंने वहां भाषण भी दिया। दमानिया ने कहा, "जब इतने बड़े अधिकारी ऐसे लोगों के साथ दिखेंगे, तो आम जनता उन पर भरोसा क्यों नहीं करेगी? विभागीय सतर्कता (Vigilance) को इसकी जांच करनी चाहिए।" उन्होंने यह भी दावा किया कि खरात और आईजी के बीच 18 कॉल रिकॉर्ड्स मौजूद हैं, जिसका जवाब पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते को देना चाहिए।
एक तरफ प्रशासनिक साठगांठ की खबरें गर्म हैं, वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अशोक खरात के आर्थिक साम्राज्य को ध्वस्त करना शुरू कर दिया है। नासिक, शिरडी और पुणे में 11 ठिकानों पर हुई छापेमारी में:
इसी बीच, नासिक के ही त्र्यंबकेश्वर मंदिर से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आई है। दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं से अवैध वसूली (3,000 रुपये प्रति व्यक्ति) करने के मामले में मंदिर के ट्रस्टी पुरुषोत्तम कदलग को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके भतीजे पर पहले ही मामला दर्ज था। इस गिरफ्तारी ने मंदिर प्रबंधन और धार्मिक स्थलों पर होने वाली कालाबाजारी पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।