नागपुर रेलवे में गंदगी (सौजन्य-नवभारत)
Nagpur Railway Station AC Waiting Room: नागपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को मिलने वाली प्रीमियम सुविधा की हकीकत चौंकाने वाली है। हाल ये है कि प्लेटफॉर्म 1 के मुंबई छोर पर बना थर्ड एसी वेटिंग रूम अपनी बदहाली के आंसू बहा रहा है और इसका खामियाजा महंगी टिकट खरीद कर ट्रेन का इंतजार करने वाले यात्री भुगत रहे हैं। जहां आराम और स्वच्छता की उम्मीद की जाती है, आज गंदगी, बदबू और अव्यवस्था का अड्डा बन चुका है। यात्रियों ने इसे ‘बीमार घर’ तक कहना शुरू कर दिया है।
इस एसी वेटिंग रूम के शौचालयों की स्थिति बेहद चिंताजनक है। मूत्रालय पूरी तरह भरे हुए रहते हैं। फर्श पर गंदगी जमी रहती है और सफाई का कोई इंतजाम नजर नहीं आता। बदबू इतनी तेज रहती है कि अंदर जाना तक मुश्किल होता है। सिर्फ शौचालय ही नहीं, पूरे एसी वेटिंग रूम में गंदगी का आलम है कि दीवारों पर सीलन साफ नजर आती है। इस सीलन की वजह से दम घोंटने वाली बदबू फैली रहती है। जगह-जगह कचरा पड़ा रहता है और सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आती है। यह हाल उस जगह का है जिसे रेलवे उच्च श्रेणी की सुविधा बताता है।
यात्रियों ने रेल प्रशासन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि एसी वेटिंग रूम के नाम पर सुविधा का ढिंढोरा तो पीटा जाता है लेकिन बदले में इस तरह की गंदगी मिलती है। ऐसे ही एक यात्री के तौर पर मुंबई जाने के लिए इस वेटिंग रूम में 5 घंटे देरी से आने वाली ट्रेन का इंतजार कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता नंदकिशोर चंद्रभान माटे ने बताया कि यह सुविधा नहीं बल्कि सजा है।
इतने बड़े स्टेशन पर उच्च श्रेणी के लिए उपलब्ध यात्रियों के लिए इस तरह निम्न स्तर की सुविधा है तो फिर जनरल क्लास में सफर करने वाले यात्रियों की स्थिति समझना कठिन नहीं है। एक ओर प्रधानमंत्री मोदी देशभर में स्वच्छता अभियान का ढिंढोरा पीट रहे हैं। दूसरी ओर रेलवे के एसी वेटिंग रूम में भीषण गंदगी के कारण 5 मिनट खड़े रहना भी संभव नहीं है।
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इस पूरे मामले को लेकर माटे ने मध्य रेल नागपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक विनायक गर्ग को लिखित शिकायत सौंपी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या रेलवे कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं या फिर यह लापरवाही प्रशासन की अनदेखी का नतीजा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाया जाएगा।
उन्होंने संबंधित ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की भी मांग की है। नागपुर जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशन पर इस तरह की बदइंतजामी रेलवे के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इस शिकायत को गंभीरता से लेकर सुधार करता है या फिर यात्रियों को इसी तरह गंदगी और बदबू के बीच समय गुजारना पड़ेगा।