नागपुर मनपा को जोर का झटका! ई-गवर्नेंस में टॉप-5 से भी बाहर, जानें क्यों इतनी बुरी तरह हारी CM फडणवीस की नगरी

Nagpur NMC E-Governance Failure: ई-गवर्नेंस में नागपुर मनपा फिसड्डी! मुख्यमंत्री के 150 दिवसीय कार्यक्रम के मूल्यांकन में टॉप-5 से बाहर। पनवेल और पुणे ने मारी बाजी, जानें नागपुर क्यों पिछड़ा।
Nagpur Municipal Corporation fails to secure a spot in the Top-5 E-Governance rankings of Maharashtra. Panvel leads while Nagpur lags in digital service delivery.
सीएम देवेंद्र फडणवीस (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Maharashtra Municipal Corporation Rankings 2026: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की संकल्पना पर आधारित 150 दिवसीय ई-गवर्नेंस (ई-प्रशासन) सुधार कार्यक्रम के राज्य स्तरीय मूल्यांकन में नागपुर महानगरपालिका (मनपा) बुरी तरह पिछड़ गई है। इस मूल्यांकन में नागपुर को टॉप-5 में भी जगह नहीं मिल पाई है जिससे शहरवासियों ने गहरी निराशा व्यक्त की है।

जानकारों के अनुसार केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और राज्य के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के गृह नगर की महानगरपालिका फिसड्डी साबित होने के कारण अब राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि प्रशासन का ध्यान लोगों को सेवाएं देने के उद्देश्य से चुस्ती पर नहीं बल्कि राजनीतिक आकाओं को खुश करते रहने में है। यही कारण है कि लोगों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। परिणामस्वरूप महानगरपालिका ई-गवर्नेंस में फिसड्डी साबित हो गई है।

दावे निकले खोखले, पिछले प्रदर्शन से भी खराब स्थिति

नतीजों से यह स्पष्ट हो गया है कि डिजिटल प्रशासन और नागरिक-केंद्रित सेवाओं को लागू करने में नागपुर मनपा पूरी तरह से फेल साबित हुई है। इससे पहले 100 दिवसीय प्रशासनिक सुधार कार्यक्रम में मनपा ने जितने अंक प्राप्त किए थे, इस बार के मूल्यांकन में उसे उससे भी कम अंक मिले हैं। पिछले एक साल में नागरिकों को ज्यादा से ज्यादा सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराने का मनपा का दावा पूरी तरह विफल साबित हुआ है।

वर्तमान में संपत्ति कर का भुगतान, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, विभिन्न प्रकार के लाइसेंस, शिकायत पंजीकरण और सूचना प्राप्त करने जैसी सेवाएं मनपा की वेबसाइट ‘माय एनएमसी’ (My NMC) एप, ‘आपले सरकार’ पोर्टल और वाट्सएप चैटबॉट के माध्यम से उपलब्ध कराई गई हैं।

‘आपले सरकार’ पहल के तहत 68 लोकसेवाएं और मनपा की 39 सेवाएं ऑनलाइन की गई हैं लेकिन सेवा वितरण (Service Delivery) का समय कम करने की प्रक्रिया में कोई खास सुधार नहीं देखा गया है। मूल्यांकन रिपोर्ट में इस बात का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि शिकायत निवारण के लिए कोई सक्षम तंत्र न होने के कारण नागरिकों की समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो पा रहा है।

तकनीक के उपयोग में भी मिली विफलता

भले ही नागरिकों की शिकायतों के त्वरित वर्गीकरण और निवारण के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित प्रणाली का उपयोग किया जा रहा हो और स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र देने के लिए ‘ब्लॉकचेन’ तकनीक का उपयोग करके दस्तावेजों की सुरक्षा व पारदर्शिता बढ़ाई गई हो लेकिन कई अन्य महत्वपूर्ण मोर्चों पर मनपा नाकाम रही है। मनपा 150 से अधिक जीआईएस (GIS) लेयर्स विकसित करके ठोस कचरा प्रबंधन, वाहन ट्रैकिंग और जलवायु परिवर्तन के संभावित प्रभावों का सटीक विश्लेषण करने में विफल रही है।

मूल्यांकन में टॉप-5 महानगर पालिकाएं

राज्य स्तरीय मूल्यांकन में इन 5 महानगरपालिकाओं ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।

रैंक महानगरपालिका (Municipal Corporation) प्राप्त अंक
1 पनवेल महानगरपालिका 187.75
2 पुणे महानगरपालिका 186.25
3 उल्हासनगर महानगरपालिका 184.25
4 नवी मुंबई महानगरपालिका 181.75
5 अमरावती महानगरपालिका 179.50
-- नागपुर महानगरपालिका (सूची से बाहर)
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