नागपुर का पेट्रोल पंप (सौजन्य-नवभारत)
Nagpur Fuel Consumption Data: नागपुर सिटी में पेट्रोल और डीजल खत्म होने के डर से रोज की तुलना में तेल की काफी अधिक खपत बढ़ गई है। जहां सिटी में हर रोज 7.5 लाख लीटर की खपत होती है, वहीं इस बढ़ी मांग के कारण तेल की खपत 13 लाख लीटर के ऊपर पहुंच गई है। इसके चलते कई पंपों पर स्टॉक खत्म हो गया है।
दूसरी ओर जहां पर पंप खुले हैं, वहां पर तेल के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। प्रशासन और पेट्रोलियम कंपनियों ने साफ किया है कि ईंधन की कोई कमी नहीं है और लोगों से घबराने व जमाखोरी से बचने की अपील की है। शासन-प्रशासन की अपील के बाद भी लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।
3 दिनों से पेट्रोल पंपों पर अचानक बढ़ी भीड़, लंबी कतारें और ‘तेल खत्म’ के बोर्ड ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। एकाएक बढ़ी भीड़ के चलते तेल लेने के लिए लोगों को अपनी बारी आने का घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। विभिन्न इलाकों में पेट्रोल पंपों पर गाड़ियों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
आमतौर पर जहां भीड़ कम रहती थी, वहां भी वाहन लाइन में लगे नजर आए। लोगों को पेट्रोल और डीजल भरवाने के लिए काफी समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। कुछ स्थानों पर स्थिति यह रही कि लोगों को एक से दो घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ा।
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3 दिनों की तुलना में पैनिक कम हुआ है। एकदम से खपत बढ़ जाने के कारण कई पेट्रोल पंप ड्राई थे। वैसे रामनवमी की छुट्टी के कारण पंपों पर 3 दिनों की तरह भीड़ नहीं दिखी। गुरुवार का दिन सामान्य रहा लेकिन शुक्रवार को स्थिति का पता चलेगा।
जानकारी के अनुसार जहां पेट्रोल-डीजल उपलब्ध है, वहां सीमित मात्रा में ही दिया जा रहा। कई लोग टैंकर के आने का इंतजार करते नजर आए, ताकि सप्लाई शुरू होते ही वे अपनी गाड़ी में पेट्रोल भरवा सकें। राम नवमी होने से लोग बड़ी संख्या में बाहर शोभायात्रा देखने के लिए निकलते हैं, लेकिन पेट्रोल-डीजल उनके मंसूबे पर पानी फेरता नजर आया।