नागपुर मनपा में ‘विशेषज्ञों’ पर बरसेगा पैसा! 3 महीने के वेतन पर ₹18.69 लाख खर्च करने की तैयारी
Nagpur NMC Standing Committee Meeting: नागपुर मनपा में GIS विशेषज्ञों के मानदेय पर ₹18.69 लाख का खर्च। 3 माह के सेवा विस्तार के लिए स्थायी समिति में प्रस्ताव। 'कार्योत्तर मंजूरी' पर उठे सवाल।
- Written By: प्रिया जैस
नागपुर मनपा (फाइल फोटो)
GIS Expert Salary Nagpur: नागपुर महानगरपालिका में एक ओर जहां कंसल्टेंट के नाम पर पीएमसी की नियुक्ति हो रही है वहीं दूसरी ओर विशेषज्ञों के नाम पर कई लोगों की कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्ति हुई है। कंसल्टेंट के नाम पर हुई नियुक्तिों को लेकर अभी विवाद शुरू होने की कगार पर ही है कि विशेषज्ञों के नाम पर हुई नियुक्ति के लिए 3 माह के मानधन पर 18.69 लाख रुपए का खर्च किया जाना है जिसका प्रस्ताव सोमवार को होने वाली स्थायी समिति की बैठक में रखा जाएगा।
जानकारों की मानें तो स्थायी समिति की ओर से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की आशा जताई जा रही है। मनपा के नगर रचना विभाग के अंतर्गत जीआईएस प्लेटफॉर्म के माध्यम से शहर की विकास योजना तैयार करने के काम में तेजी लाने के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर कार्यरत विशेषज्ञों का कार्यकाल बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। विभाग ने GIS एक्सपर्ट्स और GIS असिस्टेंट्स के कार्यकाल को अगले 3 महीनों के लिए विस्तार देने का प्रस्ताव रखा है।
तकनीकी ब्रेक के बाद सेवा विस्तार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन विशेषज्ञों की नियुक्ति महाराष्ट्र महानगरपालिका अधिनियम की धारा 53(3) के प्रावधानों के तहत एक चयन समिति द्वारा साक्षात्कार के माध्यम से एग्रीमेंट के आधार पर की गई थी। इनका पिछला कार्यकाल 21 फरवरी 2026 को समाप्त हो गया था। चूंकि 22 फरवरी को रविवार होने के कारण तकनीकी अवकाश था, इसलिए अब इनका नया कार्यकाल 24 फरवरी 2026 से 23 मई 2026 तक बढ़ाने का प्रस्ताव है।
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वेतन और अनुमानित बजट
इस परियोजना के लिए नियुक्त GIS एक्सपर्ट्स को 68,000 रुपये और GIS असिस्टेंट्स को 43,000 रुपये प्रति माह का मानदेय दिया जा रहा है। अगले 3 महीनों के इस सेवा विस्तार के लिए लगभग 18,69,234 रुपये का खर्च अपेक्षित है। इस राशि की कार्योत्तर मंजूरी देने का मामला वर्तमान में प्रशासन के विचाराधीन है।
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आश्चर्यजनक यह है कि इन विशेषज्ञों का कार्यकाल बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूर किए बिना ही उनका कार्यकाल जारी रखा गया जिससे अब कार्योत्तर मंजूरी लेने की नौबत प्रशासन पर होने की जानकारी सूत्रों ने दी।
विकास योजना में महत्वपूर्ण भूमिका
नगर रचना विभाग के लिए भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) के माध्यम से सटीक डेटा और मानचित्र तैयार करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह विशेषज्ञ इसी तकनीक के माध्यम से शहर की भावी विकास योजनाओं का खाका तैयार कर रहे हैं जिससे विकास कार्यों में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित होगी। इस संबंध में विस्तृत टिप्पणी और आवश्यक कागजात विभाग के पास उपलब्ध हैं।
