प्रशासक राज खत्म, अब पार्षदों की बारी! नागपुर मनपा की पहली आम सभा में इन 3 मुद्दों पर मचेगा बवाल
Nagpur Municipal Corporation News: नागपुर मनपा में 4 साल बाद लौटेगी रौनक! 20 मार्च को होगी पहली आम सभा। कचरा, पानी और प्रशासक राज के फैसलों पर घिरेगा प्रशासन। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
- Written By: प्रिया जैस
नागपुर मनपा (फाइल फोटो)
NMC General Body Meeting 2026: नागपुर महानगर पालिका में मार्च 2022 के बाद कई कारणों से आम चुनाव टलता रहा। इसके चलते मनपा में प्रशासक राज शुरू हुआ। अब ठीक 4 वर्षों के बाद खत्म हुए प्रशासक राज और मनपा में सत्ता स्थापित होने के बाद 20 मार्च को मनपा की आम सभा लेने की तैयारी शुरू हो गई है।
इससे एक ओर जहां प्रशासन से जवाब तलब करने के लिए पार्षदों का इंतजार खत्म हो गया, वहीं दूसरी ओर 4 वर्षों के बाद मनपा का सदन गूंजने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों की मानें तो सत्ता पक्ष ने 20 मार्च को ही मनपा की सभा लेने की तैयारी कर ली है।
हालांकि मनपा में सत्ता स्थापित होने के बाद 2 बार विशेष सभा का आयोजन हो चुका है, किंतु विशेष सभा में सीमित विषय होने के कारण पार्षद सदन में जनसमस्याएं उजागर नहीं कर पाए। यहां तक कि प्रशासन को कटघरे में खड़ा नहीं किया जा सका है। सोमवार को मनपा के नए आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर द्वारा पदभार संभाला जाएगा। इसके बाद महापौर की ओर से मनपा की आम सभा लेने के निर्देश दिए जाएंगे जिस पर प्रशासन को अमल करना है।
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सदन के विचारार्थ प्राप्त हुए 19 प्रश्न
मनपा के आम सभा का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि सदन के विचारार्थ प्रशासन को प्रश्न प्राप्त होने शुरू हो गए हैं। सदन की कार्यवाही की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पहला एक घंटा प्रश्नोत्तर काल का होता है जिसके लिए अभी से पार्षदों की ओर से प्रशासन को प्रश्न दिए गए हैं।
बताया जाता है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष की ओर से अब तक 19 प्रश्न प्राप्त हो चुके हैं जिन्हें संबंधित विभागों को भेजा जा चुका है। संबंधित विभागों की ओर से सदन में उपस्थित होने वाले इन सवालों के जवाब तैयार किए जा रहे हैं। चूंकि 4 वर्षों के बाद आम सभा का आयोजन होने जा रहा है, ऐसे में कुछ विभागों में नए अधिकारी और कर्मचारी इन सवालों को लेकर चिंतित हैं। नियमों के अनुसार केवल 10 प्रश्न ही लिए जाएंगे।
सदन में हंगामे के आसार
सूत्रों के अनुसार जहां कुछ विषयों को लेकर सत्ता पक्ष के कई पार्षद प्रशासन से जवाब-तलब की तैयारी में हैं, वहीं विपक्ष भी सत्ता पक्ष को घेरने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि मनपा की पहली ही आम सभा में कचरा संकलन, निकट भविष्य की गर्मी में सुचारु जलापूर्ति और प्रशासक के काल में हुए कुछ महत्वपूर्ण विषयों पर भी सदन में हंगामे के आसार हैं।
मनपा की इस सत्ता में भले ही अधिकांश पार्षद नए हों, लेकिन कुछ पुराने पार्षद भी हैं जिनकी ओर से सदन में महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए जाने की संभावना है। सदन के लिए विपक्ष की ओर से भी तैयारी की जा रही है। सूत्रों की मानें तो किन विषयों पर विपक्ष की रणनीति को विफल किया जाए, इसे लेकर सत्तापक्ष की भी तैयारी शुरू हो गई है।
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दुर्बल घटक समिति का होगा गठन
मनपा की आम सभा में प्रश्नोत्तर काल के बाद विषय पत्रिका में एजेंडे के अनुसार निर्धारित विषयों पर चर्चा होगी। इस विषय पत्रिका के अनुसार आम सभा में दुर्बल घटक समिति के गठन का भी विषय होने की जानकारी सूत्रों ने दी।
बताया जाता है कि नियमों के अनुसार चुनाव के बाद सभी संवैधानिक समितियों का गठन हुआ है किंतु दुर्बल घटक समिति का गठन नहीं हो पाया है। इसलिए आम सभा में दुर्बल घटक समिति का सभापति भी तय होने की उम्मीद जताई जा रही है।
सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता की कसौटी
मनपा की सभा के लिए जहां सत्ता पक्ष नेता का किरदार अहम है, वहीं विपक्षी नेता की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। दोनों नेताओं के लिए पदाधिकारियों के रूप में मनपा की आम सभा नई है। हालांकि विपक्ष के नेता संजय महाकालकर को कुछ समय के लिए मौका तो मिला था, किंतु काफी कम समय मिलने के कारण सदन में उनके कार्यकाल का आंकलन नहीं हो पाया। बहरहाल अब मनपा की पहली आम सभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष नेता की कसौटी है।
- नवभारत लाइव पर नागपुर से ललेन्द्र करवाड़े की रिपोर्ट
