NMC: सदन में गूंजा 'जय संविधान बनाम जय श्रीराम', पहली ही सभा में कांग्रेसी पार्षदों ने दिखाई तेवर!

Nagpur Municipal Corporation Meeting: नागपुर मनपा की पहली सभा में नारेबाजी की जंग! कांग्रेस पार्षदों ने लहराई संविधान की प्रतियां, भाजपा का 'जय श्रीराम' से पलटवार। स्थायी समिति का गठन अटका।
Nagpur Municipal Corporation's first meeting echoes with 'Jai Samvidhan' and 'Jai Shri Ram' slogans. Standing committee formation delayed due to BJP's internal rift.
एनएमसी सदन में हंगामा (सौजन्य-नवभारत)
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Sanjay Mahakalkar Congress: महापौर और उपमहापौर के चुनाव के बाद शुरू हुई मनपा की पहली ही सभा ‘जय संविधान’ और ‘जय श्रीराम’ के नारों से गूंज उठी। एक ओर जहां कांग्रेस के तमाम पार्षदों ने संविधान की पुस्तक लेकर सदन में संविधान की जय के नारे लगाए वहीं भाजपा के सभी पार्षदों ने जय श्रीराम के नारे लगाकर प्रति उत्तर दिया जिससे कुछ देर के लिए मनपा की सभा में नारों की तकरार चलती रही।

विशेषत: देश की संसद में जिस तरह से संविधान को लेकर गत समय संघर्ष देखा गया उसी तरह से शुक्रवार को मनपा की सभा में भी कांग्रेसी पार्षद संविधान की पुस्तक लेकर पहुंच गए। यहां तक कि महापौर नीता ठाकरे द्वारा सभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाते ही कांग्रेस के सभी 34 पार्षद हाथ में संविधान की प्रति देकर गलियारों में नारेबाजी करते हुए बाहर निकले।

4 वर्षों बाद मनपा की पहली सभा में कांग्रेस के इस रुख को देखते हुए भविष्य में भी सदन के भीतर कांग्रेस का आक्रामक रुख देखने को मिलने की संभावना जताई जा रही है।

पहली सभा से ही आक्रामक रुख

उल्लेखनीय है कि केवल 34 पार्षदों के साथ मनपा में विपक्षी खेमे में बैठने वाली कांग्रेस में केवल 1-2 ही वरिष्ठ पार्षद होने के कारण यह कार्यकाल भाजपा के लिए आसान होने का अनुमान लगाया जा रहा था किंतु शुक्रवार को पहली ही सभा में पहली बार पहुंचे नवनिर्वाचित पार्षदों ने आक्रामक रुख दिखाकर सत्तापक्ष की आशाओं पर पानी फेर दिया। विपक्षी नेता संजय महाकालकर ने कहा कि धर्मनिरपेक्षता के लिए मुस्लिम लीग और एमआईएम ने भी सदन के भीतर कांग्रेस का साथ देना चाहिए। हालांकि साथ में आने के लिए वरिष्ठ स्तर पर प्रयास होते रहे हैं किंतु स्थानीय स्तर पर भी स्थानीय नेताओं ने पहल कर एक साथ सदन में लोकतांत्रिक लड़ाई लड़नी चाहिए। उन्होंने मुद्दों पर कांग्रेस का समर्थन करने के लिए एमआईएम और मुस्लिम लीग से चर्चा करने की संभावना भी जताई।

तमाम प्रयास, फिर भी अटकी स्थायी समिति

शुक्रवार को मनपा की पहली सभा के लिए मनपा के सचिवालय की ओर से एजेंडा जारी किया गया था जिसके अनुसार एजेंडा में महापौर और उपमहापौर के चुनाव के साथ ही स्थायी समिति के 16 सदस्यों के नाम निर्धारित करने का भी विषय रखा गया था। स्थायी समिति में भाजपा की ओर से 11, कांग्रेस की ओर से 4 और एमआईएम की ओर से 1 सदस्य का नाम दिया जाना था।

भाजपा में पार्षदों के बीच पदों को लेकर चल रहे टकराव के चलते गुरुवार की रात तक इन नामों पर मुहर लगने की संभावना जताई जा रही थी जिसके लिए वरिष्ठ स्तर पर प्रयास भी किए गए किंतु आलम यह रहा कि इन नामों पर मुहर नहीं लग पाने के कारण अंतत: मनपा की विशेष सभा में स्थायी समिति के सदस्यों का मुद्दा ज्यों का त्यों ही रह गया। चूंकि महापौर नीता ठाकरे ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी, ऐसे में अब स्थायी समिति के सदस्यों का मुद्दा भी अनिश्चितकाल तक के लिए अटक गया है।

सोमवार को महापौर-उपमहापौर का पद ग्रहण

सूत्रों की मानें तो शुक्रवार को महापौर और उपमहापौर का चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शनिवार को मनपा मुख्यालय में दोनों के पद ग्रहण करने का प्रयास किया जा रहा था जिसके लिए स्थानीय नेताओं की ओर से इसके प्रयास भी किए जा रहे थे किंतु मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की ओर से समय नहीं मिल पाया।

शुक्रवार की सुबह 8 बजे के करीब महापौर, उपमहापौर और सत्तापक्ष नेता ने मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस से भेंट की जिसके बाद अब सोमवार को मनपा मुख्यालय में पद ग्रहण आयोजित होने पर मुहर लगी है।

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