कचरा संकलन (फाइल फोटो)
BVG AG Enviro Nagpur: नागपुर शहर में घरों से कचरा संकलन करने के लिए फिलहाल 2 एजेंसियां नियुक्त की गई हैं जिनमें से प्रत्येक को 5-5 जोन की जिम्मेदारी दी गई है लेकिन बीवीजी और एजी एन्वायरो नामक कंपनियों के कचरा संकलन को लेकर बड़ी संख्या में शिकायतें मिल रही हैं। यहां तक कि लंबे समय से जनप्रतिनिधियों द्वारा एजेंसियों के खिलाफ आवाज भी उठाई गई किंतु प्रशासक राज में किसी तरह की सुध नहीं ली गई।
आलम यह रहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा ली गई एक बैठक में भी बीवीजी और एजी एन्वायरो को बदलने के निर्देश तो दिए गए किंतु मनपा प्रशासन द्वारा इस पर अमल नहीं किए जाने से अब मनपा की सभा में इसका प्रस्ताव लाकर कंपनियों को बदलने पर मुहर लगने की जानकारी सूत्रों ने दी।
मनपा सूत्रों की मानें तो इसके पूर्व पूरे शहर के लिए एक ही एजेंसी को ठेका आवंटित किया गया था किंतु पार्षदों की ओर से कचरा संकलन पर आपत्तियां जताई जाने के बाद इस कंपनी को बदल दिया गया। एक कंपनी की जगह मनपा ने 2 अलग-अलग कंपनियों को अलग-अलग 5-5 जोन की जिम्मेदारी दी किंतु दोनों कंपनियों की कार्यप्रणाली इतनी लचर रही कि लोगों के घरों से हर दिन कचरा संकलन ही नहीं हो पाया है।
इन दोनों एजेंसियों को 10 वर्ष के लिए ठेका आवंटित किया गया था किंतु दोनों कंपनियों की कार्यप्रणाली पहले से लोगों के आक्रोश के घेरे में रही। शुरुआत से ही लोगों को परेशानी होने से हर कोने से आवाज तो उठी किंतु गत कुछ समय से मनपा में प्रशासक राज होने से जनता की सुनवाई नहीं हो पाई। बहरहाल अब नई सत्ता आने के कारण अगली ही सभा में प्रस्ताव लाकर कंपनी को बदला जाएगा जिसके बदले अब प्रत्येक जोन स्तर पर एजेंसी नियुक्त करने का मानस भी प्रशासन ने जताया है।
मनपा सूत्रों के अनुसार निजी कंपनियों को काम देकर मनपा ने कचरा संकलन और स्वच्छ भारत की दिशा में कई प्रयास किए किंतु महानगरपालिका इसमें विफल रही है। हालांकि अब महानगरपालिका की सभा जो भी फैसला करेगी, उसके अनुसार ही प्रशासन की कार्यप्रणाली होगी किंतु मनपा भी इसकी जिम्मेदारी ले सकती है।
मनपा द्वारा केवल कर्मचारी उपलब्ध कराने वाली किसी कंपनी से एग्रीमेंट कर कचरा संकलन का दायित्व पूरा किया जा सकेगा जिससे आम तौर पर कर्मचारियों को स्थायी करने जैसी समस्या से भी बचा जा सकेगा। मनपा को केवल जोनल स्तर पर कचरा संकलन के लिए इन कर्मचारियों की देखरेख करनी होगी।
कंपनी पर हर माह जो 70 लाख रुपए का जुर्माना वसूला जा रहा है, उससे महानगरपालिका 500 घंटा गाड़ियां खरीदने की तैयारी में है। इसका प्रस्ताव तैयार किया गया है। भविष्य में यदि कंपनियों को बदला जाता है तो इन घंटा गाड़ियों की मदद से महानगरपालिका कचरा संकलन शुरू कर सकेगी।
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बताया जाता है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा कड़ा रुख अपनाए जाने के बाद आनन-फानन में प्रशासन ने कंपनी पर जुर्माना लगाकर कार्रवाई किए जाने का दिखावा तो किया, इसके बावजूद बीवीजी और एजी एन्वायरो कंपनी की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं आया है।
कंपनियों को बदलने के निर्देश के कुछ समय बाद गडकरी के आवास पर फिर अधिकारियों की बैठक हुई जहां फिर से फटकार लगने के बाद अधिकारियों ने अब कंपनी पर प्रति माह 70 लाख रुपए का जुर्माना लगाना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि गत कुछ माह से कंपनी से हर माह 70 लाख रुपये का जुर्माना वसूला जा रहा है।