मनपा ऑफिस (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Election Officer Nagpur: नागपुर मनपा के आम चुनाव के मद्देनजर चुनाव कार्यों में लापरवाही और आदेशों की अवहेलना करने वालों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। चुनाव प्रशिक्षण के आदेश को स्वीकार करने से इनकार करने वाले विभिन्न स्कूलों के 4 प्रधानाध्यापकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत फौजदारी मामला दर्ज करने का आदेश जारी किया गया है।
जिन प्रधानाध्यापकों पर मामला दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं उनमें सिविल लाइंस (सदर) से एमए शेख, ईश्वरनगर (रमना मारोती रोड) से डीजी धार्मिक और पुष्पा दाभेकर तथा शांतिनगर से जयश्री सलामे शामिल हैं। राज्य चुनाव आयोग के निर्देशानुसार मनपा के चुनाव विभाग ने 21 दिसंबर 2025 को मतदान अधिकारियों की नियुक्तियां घोषित की थीं।
जब चुनाव विभाग के कर्मचारी इन प्रधानाध्यापकों के दिए गए पते पर आधिकारिक नियुक्ति पत्र देने पहुंचे तो उन्होंने आदेश स्वीकार करने से साफ मना कर दिया। सक्षम प्राधिकारी द्वारा दिए गए आदेश का उल्लंघन करना एक कानूनी अपराध है जिसे देखते हुए प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है।
जानकारी के अनुसार, उन्हें आगामी मनपा चुनावों के लिए मतदान अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था और उनके पते पर नियुक्ति का आदेश भेजा गया था। हालांकि उन्होंने इस आदेश को लेने से स्पष्ट मना कर दिया और 28 दिसंबर 2025 को आयोजित चुनावी प्रशिक्षण में भी अनुपस्थित रहे।
प्रशासन ने इस व्यवहार को बेहद गैर-जिम्मेदाराना माना है जिससे चुनाव जैसे महत्वपूर्ण कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है। मनपा आयुक्त और चुनाव अधिकारी के निर्देशानुसार इन सभी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत मामला दर्ज करने के लिए अंबाझरी पुलिस स्टेशन को पत्र लिखा गया है।
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इस मामले में शिकायत दर्ज कराने के लिए स्वच्छता निरीक्षकों को अधिकृत किया गया है। इस पत्र की प्रतियां पुलिस आयुक्त, मनपा आयुक्त और अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को भी उचित कार्रवाई के लिए भेजी गई हैं। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से चुनाव ड्यूटी से बचने की कोशिश करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया है।
प्रशासन की सख्त चेतावनी मनपा के स्वच्छता विभाग के निरीक्षकों को संबंधित पुलिस थानों में शिकायत दर्ज कराने के लिए आधिकारिक तौर पर अधिकृत किया गया है। मनपा आयुक्त ने स्पष्ट संकेत दिया है कि चुनाव लोकतंत्र का एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है।
इस कार्य में किसी भी प्रकार की गैर जिम्मेदारी, बाधा या टालमटोल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इससे पहले भी काम में देरी करने वालों को चेतावनी दी गई थी लेकिन अब सीधे फौजदारी मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।