डॉ. अभिजीत चौधरी (सौजन्य-सोशल मीडिया)
NPS for Employees: नागपुर महानगर पालिका में पिछले कुछ वर्षों का कार्यकाल बड़े बदलावों और विकास परियोजनाओं के नाम रहा है। प्रशासक के रूप में कार्य करते हुए प्रशासन ने न केवल शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया, बल्कि कर्मचारियों के कल्याण और जन सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिए जाने का संतोष मनपा आयुक्त एवं प्रशासक अभिजीत चौधरी ने अनौपचारिक चर्चा के दौरान जताया।
उन्होंने कहा कि मनपा ने स्थापना विभाग में एक बड़ा कदम उठाते हुए लगभग 500 लोगों की भर्ती प्रक्रिया पूरी की है, जो कई वर्षों से लंबित थी। यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही है। इसके साथ ही कर्मचारियों के लिए अप्रैल 2025 से नई पेंशन योजना (एनपीएस) लागू करने का नीतिगत निर्णय लिया गया है, जिसमें मनपा अपना योगदान 10% से बढ़ाकर 14% करेगी। लंबे समय से रुकी हुई पदोन्नति की प्रक्रिया को भी नए आरआर (रिक्रूटमेंट रूल्स) नियमों के अनुसार पूरा किया गया है।
उन्होंने कहा कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सुधारने के लिए सफाई कर्मचारियों की रिकॉर्ड नियुक्तियां की गई हैं। कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में 800 टन की अतिरिक्त प्रोसेसिंग क्षमता विकसित की गई है, जिससे अब शहर का लगभग 1300-1400 टन कचरा प्रोसेस करने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध है।
इससे डंपिंग की समस्या लगभग खत्म हो गई है, जिससे ‘स्वच्छ सर्वेक्षण’ रैंकिंग में सुधार की उम्मीद है। इसके अलावा, सीवेज ट्रीटमेंट के लिए नए एसटीपी (एसटीपी) और पोहरा नदी प्रदूषण परियोजना पर भी तेजी से काम चल रहा है।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में सिटी ने राज्य में मिसाल पेश करते हुए 100 से अधिक आयुष्मान आरोग्य केंद्र खोले हैं, जिससे ओपीडी की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। शिक्षा के क्षेत्र में ‘आकांक्षा स्कूलों’ की संख्या 6 से बढ़ाकर 13 कर दी गई है और स्कूलों के बुनियादी ढांचे में भारी निवेश किया गया है।
सड़कें : सीमेंट रोड चरण-3 का काम पूरा हो चुका है और चरण-4 भी समाप्ति की ओर है।
उद्यान : शहर में रॉक गार्डन, एडवेंचर गार्डन और कैक्टस गार्डन जैसे थीम-बेस्ड पार्कों का विकास किया जा रहा है।
अग्निशमन : ऊंची इमारतों के लिए 70 मीटर का हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और नई गाड़ियां खरीदी गई हैं।
प्रॉपर्टी टैक्स : संग्रह में सुधार करते हुए इसे 300 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें एआई आधारित मैपिंग की मदद ली जा रही है।
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क्या प्रशासक के रूप में निर्णय लेना आसान था? यह पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि प्रशासक होने से निर्णय लेने की गति बढ़ जाती है क्योंकि अप्रूवल के लिए समय कम लगता है। हालांकि, यह भी स्वीकार किया गया कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों का होना आवश्यक है क्योंकि वे स्थानीय स्तर पर बेहतर मॉनिटरिंग और जनता के सुझावों को नीति निर्धारण में शामिल करने में मदद करते हैं।
उन्होंने कहा कि बढ़ते जनसंख्या घनत्व और अनियंत्रित शहरी विकास को भविष्य की मुख्य चुनौतियों के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि नई तकनीक और भविष्योन्मुखी योजना के जरिए नागपुर को एक आधुनिक और सुविधायुक्त शहर बनाया जाए।