शून्य दुर्घटना..मेरी जिम्मेदारी: नागपुर में गडकरी का आह्वान, बोले-नागरिकों की भागीदारी बिना सड़क सुरक्षा अधूरी
Nagpur Road Safety: नागपुर में 'शून्य दुर्घटना... मेरी जिम्मेदारी' अधिवेशन में नितिन गडकरी ने कहा कि सड़क हादसे रोकने के लिए सरकारी प्रयासों के साथ आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर में आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन में नितिन गडकरी (सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
Zero Accident Campaign Nagpur: नागपुर सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार ने कई ठोस कदम उठाए हैं, जिनका क्रियान्वयन शुरू हो चुका है। हालांकि इन प्रयासों को सफल बनाने के लिए आम नागरिकों की सक्रिय और सकारात्मक भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है। यह बात केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को नागपुर में आयोजित ‘शून्य दुर्घटना…मेरी जिम्मेदारी’ विषयक राष्ट्रीय अधिवेशन में कही।
ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ ड्राइविंग स्कूल एसोसिएशन से संबद्ध महाराष्ट्र राज्य मोटर ड्राइविंग स्कूल मालिक संघ द्वारा कविवर्य सुरेश भट सभागार में आयोजित इस अधिवेशन का उद्घाटन गडकरी ने किया। इस दौरान उन्होंने सड़क सुरक्षा, दुर्घटना नियंत्रण और त्वरित उपचार व्यवस्था पर केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
हर वर्ष डेढ़ लाख मौत, 5 लाख जख्मी गडकरी
ने कहा कि देश में हर वर्ष लगभग 5 लाख लोग सड़क दुर्घटनाओं में घायल होते हैं जबकि करीब डेढ़ लाख लोगों की मौत हो जाती है। चिंता की बात यह कि इनमें 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की हिस्सेदारी 66 प्रतिशत है।
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उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के पीछे सड़क इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग और मानवीय त्रुटियां प्रमुख कारण हैं। कानूनों का प्रभावी पालन जरूरी है लेकिन कई बार लोगों में कानून के प्रति न सम्मान होता है और न ही उसका भय। ऐसे में सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की है।
‘राहगीर’ को मिलता है 25,000 का पुरस्कार
उन्होंने बताया कि दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले ‘राहगीर’ को केंद्र सरकार की ओर से 25,000 रुपये का पुरस्कार दिया जाता है। इसके अलावा दुर्घटना में घायल व्यक्ति के इलाज के लिए 1.50 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता का भी प्रावधान किया गया है ताकि उपचार में देरी न हो।
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उन्होंने कहा कि समय पर चिकित्सा मिलने से करीब 50 प्रतिशत लोगों की जान बचाई जा सकती है। गडकरी ने यह भी कहा कि आधुनिक ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से देश के लाखों युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने सुरक्षित और जिम्मेदार ड्राइविंग संस्कृति विकसित करने पर भी जोर दिया।
