म्यूचुअल फंड इन्वेस्टमेंट (AI generated image)
AUM Ranking India: आज नागपुर में बचत और निवेश करने के ट्रेंड में बदलाव देखने को मिल रहा है। पहले जहां बैंक एफडी और गोल्ड निवेश पहली पसंद माने जाते थे वहीं अब लोगों की पसंद एसआईपी बन गया है। युवा निवेशक अब बचे हुए पैसों को निवेश नहीं कर रहे हैं बल्कि महीने की शुरुआत में ही इनकम का फिक्स हिस्सा निवेश के लिए निकाल रहे हैं और बचे हुए पैसों से खर्च चला रहे हैं।
पिछले 10-12 वर्षों में आम लोगों की वित्तीय प्राथमिकताओं में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अब लोग केवल पैसा सुरक्षित रखने तक सीमित नहीं रहना चाहते बल्कि उसे बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। यह सिर्फ निवेश का ट्रेंड नहीं बल्कि लोगों के व्यवहार में आया अहम बदलाव है। इसी बदलाव के चलते आज नागपुर म्यूचुअल फंड निवेश के मामले में देशभर में 12वां स्थान हासिल कर चुका है, जहां कुल निवेश लगभग 42,000 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है।
वर्ष 2012 में एयूएम करीब 2,525 करोड़ रुपये था। इसमें 17 गुना की बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते नागपुर ने भुवनेश्वर, चंडीगढ़ सहित 5 शहरों को पछाड़ दिया है। वहीं नागपुर के साथ ही साथ अकोला, अमरावती, चंद्रपुर, भंडारा और गड़चिरोली भी ग्रो कर रहे हैं।
सिक्योरिटीज मार्केट के विशेषज्ञों के अनुसार आज के वित्तीय बाजार में निवेशकों के लिए विविध उत्पाद उपलब्ध हैं जिनमें म्यूचुअल फंड, इक्विटी, ईटीएफ, एसआईपी आदि शामिल हैं जिससे नागपुर के निवेशक भी पारंपरिक निवेशों से हटकर आधुनिक, लंबी अवधि के लाभकारी विकल्प चुन रहे हैं। निवेशक बड़ी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं जिसमें एसआईपी सबसे बड़ा टूल बनकर उभरा है।
नागपुर देश का सेंटर होने के चलते एक महत्वपूर्ण वित्तीय और व्यावसायिक केंद्र बन गया है। रणनीतिक स्थान, बेहतर सड़कें और बुनियादी सुविधाओं और बढ़ती कनेक्टिविटी इसे देश में आज इसका काफी अधिक महत्व बढ़ गया है। पिछले 10 वर्षों में नागपुर का विकास देश के औसत से ज्यादा रहा है और वित्तीय वर्ष 2021 से 2026 के बीच यह शहर सबसे तेजी से बढ़ने वाले शहरों में शामिल हुआ है।
अकोला का म्यूचुअल फंड एयूएम बढ़कर करीब 7,000 करोड़; अमरावती 5,200; चंद्रपुर 900 करोड़; भंडारा 500 करोड़; गड़चिरोली 400 करोड़ और यवतमाल व वाशिम का 1,000 करोड़ पर पहुंच गया है।
देखा जाए तो पहले लोग बैंक एफडी या पोस्ट ऑफिस योजनाओं में पैसा सुरक्षित रखना ही काफी मानते थे लेकिन समय के साथ महंगाई में तेजी देखने को मिली है। चीजों और सर्विसेस की कीमत पहले की तुलना में काफी ज्यादा हो गई है। 5-6% या उससे ज्यादा महंगाई के बीच ऐसा रिटर्न असली बढ़त नहीं दे पाता।
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इसी एहसास ने लोगों को इक्विटी जैसे विकल्पों की ओर मोड़ा और अब वे मानने लगे हैं कि सिर्फ बचत नहीं, सही निवेश भी जरूरी है। अब तो 100 रुपये की राशि से भी निवेश संभव हो गया है। वहीं नागपुर मिहान में आई टेक कंपनियों के चलते भी यहां पर म्युचूअल फंड में निवेश तेजी से बढ़ता चला जा रहा है। इसके साथ ही लोगों में वित्तीय जागरूकता और निवेश के प्रति समझ भी बढ़ी है।
| शहर | कुल निवेश (AUM) |
|---|---|
| नागपुर | 44,000 करोड़ |
| अकोला | 7,000 करोड़ |
| अमरावती | 5,200 करोड़ |
| यवतमाल | 1,000 करोड़ |
| वाशिम | 1,000 करोड़ |
| चंद्रपुर | 900 करोड़ |
| भंडारा | 500 करोड़ |
| गड़चिरोली | 400 करोड़ |