नागपुर न्यूज
Maharashtra Government Fund: नागपुर शहर के विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार ने महानगर पालिका के लिए कुल 315 करोड़ रुपये का फंड मंजूर किया है। मनपा चुनाव की प्रक्रिया घोषित होते ही पिछले पखवाड़े में विकास कार्यों और उसके लिए मंजूर फंड की सूची जारी कर दी। ऐसा प्रतीत होता है कि सत्तारूढ़ दल इस मंजूर फंड के आधार पर आगामी मनपा चुनाव की नींव रख रहा है, जिसमें सड़क, जल आपूर्ति, जल निकासी, स्वच्छता, पार्क और प्रकाश व्यवस्था के विकास कार्य शामिल हैं।
विकास कार्यों और उसके लिए मंजूर फंड को देखने पर पता चलता है कि दक्षिण-पश्चिम, पूर्व और पश्चिम नागपुर निर्वाचन क्षेत्रों को अधिक प्राथमिकता दी गई है। इन निर्वाचन क्षेत्रों में 50 से 75 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है, जबकि कामठी निर्वाचन क्षेत्र के हुड़केश्वर और नरसाला (जो मनपा सीमा के भीतर आते हैं) के लिए 35 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसकी तुलना में उत्तर, दक्षिण और मध्य नागपुर को काफी कम फंड मिला है, जो लगभग 30 से 35 करोड़ रुपये के आस-पास है।
महानगर पालिका ने कुछ महीने पहले शहर की जरूरतों का विस्तृत विकास मसौदा सरकार को भेजा था, जिसमें 140 करोड़ और 175 करोड़ रुपये के दो प्रस्ताव शामिल थे, जिन्हें मिलाकर कुल 315 करोड़ रुपये होते हैं। 29 अक्टूबर को राज्य सरकार ने मनपा द्वारा प्रस्तावित कार्यों और उसके लिए फंड की सूची को मंजूरी दे दी।
मंजूर फंड से प्रमुख और आंतरिक सड़कों का कंक्रीटीकरण और डामरीकरण, पुरानी जल आपूर्ति पाइपलाइनों को बदलना, नई ड्रेनेज लाइनें डालना, साथ ही पार्क और खेल के मैदानों का विकास जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे। इसके अलावा स्मार्ट लाइटिंग परियोजना, स्वच्छता केंद्र, सार्वजनिक शौचालय और कचरा प्रबंधन प्रणाली में सुधार के लिए भी फंड उपलब्ध कराया जाएगा।
मनपा सूत्रों के अनुसार 315 करोड़ रुपये पहले ही मंजूर किए जा चुके थे और अब कार्यों का विवरण आ गया है। हालांकि फंड कब जारी होगा, इस बारे में मनपा अधिकारी अभी भी अनिश्चित हैं। वर्तमान में राज्य सरकार ने ‘लाडकी बहिण योजना’ के तहत फंड वितरण और किसानों को मुआवजा वितरण को प्राथमिकता दी है, जिसके कारण फंड कब आएगा, इस बारे में कुछ भी कहना संभव नहीं है।
2022 में तत्कालीन नगर विकास मंत्री और अब के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने नागपुर शहर के लिए 411.86 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। यह फंड भी अभी तक मनपा को पूरी तरह से नहीं मिला है। इस फंड में से 95 करोड़ रुपये अगस्त में संभागीय कार्यालय को मिले थे, जिसमें से मनपा के हिस्से के 45 करोड़ में से 23 करोड़ सितंबर के पहले सप्ताह में मिले थे। शेष 22 करोड़ रुपये एकमुश्त मिलने की उम्मीद थी, लेकिन केवल 6 करोड़ रुपये देकर 16 करोड़ रुपये फिर से रोक लिए गए, जिससे मनपा निराश हुई। इसलिए अब फंड का मामला मज़ाक का विषय बन गया है।
विधानसभा चुनाव से पहले यानी 2023-24 में राज्य सरकार ने मनपा को सीमेंट सड़क चरण चार, एकीकृत यातायात प्रबंधन, ई-बस, टाउन हॉल आदि के लिए 1400 करोड़ रुपये दिए थे। सत्ता में आने के बाद ऐसा लगता है कि राज्य सरकार का मनपा के प्रति ‘प्रेम’ कम हो गया है। अब मनपा चुनाव आते ही विकास कार्यों के लिए फंड का प्रावधान करने सरकारी अधिसूचना (जीआर) जारी की गयी है। चूंकि वास्तविक फंड नहीं मिला है, इसलिए ये विकास कार्य फिलहाल केवल कागज़ों पर ही दिखाई दे रहे हैं।
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| विधानसभा क्षेत्र | 175 करोड़ के प्रस्ताव | 140 करोड़ के प्रस्ताव | कुल मंजूर फंड |
|---|---|---|---|
| दक्षिण-पश्चिम | 61,22,15,000 | 13,75,77,000 | 74,97,92,000 |
| पश्चिम | 31,22,71,000 | 33,08,05,000 | 64,30,76,000 |
| पूर्व | 33,95,30,000 | 17,00,39,000 | 50,95,69,000 |
| कामठी (हुड़केश्वर-नरसाला) | 30,04,57,000 | 5,13,35,000 | 35,17,92,000 |
| उत्तर | 2,19,78,000 | 32,92,28,000 | 35,12,06,000 |
| दक्षिण | 29,99,98,000 | 1,80,00,000 | 31,79,98,000 |
| मध्य | 30,50,00,000 | 30,50,00,000 | – |