नागपुर रचेगा इतिहास! देश की पहली ‘विमेन ओनली’ मनपा बनाने की तैयारी में भाजपा; हर बड़े पद पर होगी महिला
Nagpur Municipal Corporation 2026: नागपुर मनपा में इतिहास रचने की तैयारी! सभी प्रमुख पदों पर महिलाओं की नियुक्ति करेगी भाजपा। देश की पहली 'महिला संचालित' महानगरपालिका बनने की ओर कदम।
- Written By: प्रिया जैस
दयाशंकर तिवारी (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Women Empowerment in Politics: नागपुर महानगरपालिका संभवत: देश की पहली महानगरपालिका होगी जहां सभी पदों पर अब महिलाओं को विराजमान होने का मौका मिलने जा रहा है। उल्लेखनीय है कि महापौर, उपमहापौर के बाद केवल सत्तापक्ष नेता का पद ऐसा रहा है कि जिस पर पुरुष पार्षद की नियुक्ति हुई है।
किंतु अब 24 को होने जा रही मनपा की विशेष सभा में जहां स्थायी समिति में 16 सदस्यों की नियुक्ति होने जा रही है वहीं अन्य विषय समितियों पर भी नियुक्तियां होंगी। 10 विशेष समितियां होंगी।
चूंकि भाजपा युति के पास 104 पार्षदों का बल है जिसमें लगभग 55 के करीब महिला पार्षद हैं जिससे 4 वर्षों के प्रशासक राज के बाद अब चौथी बार मनपा की सत्ता संभाल रही भारतीय जनता पार्टी की शहर इकाई ने सभी पदों पर महिलाओं की नियुक्ति करने का निर्णय लिया है। जिस पर रविवार को हुई भाजपा नेताओं की अहम बैठक में मुहर लगाई गई है।
सम्बंधित ख़बरें
487 करोड़ का नागपुर स्टेशन प्रोजेक्ट धीमा, 2027 की डेडलाइन पर सवाल; 2029 तक खिंचने की आशंका
भीषण गर्मी से झुलसी फसल, नागपुर में टमाटर के दाम चढ़े, सप्लाई हुई प्रभावित; बिगड़ा किचन बजट
बड़े लेन-देन पर नागपुर आयकर विभाग की नजर, 31 मई डेडलाइन; SFT फाइलिंग में चूक बढ़ा सकती है ITR की मुश्किलें
बेसा सरकारी छात्रावास मामला: नागपुर में MBA छात्रा को मिली राहत, निष्कासन आदेश पर रोक
चलती रही काफी जद्दोजेहद
उल्लेखनीय है कि रविवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के आवास पर वरिष्ठ नेताओं की बैठक ली गई जहां अलग-अलग पदों पर नियुक्तियों को लेकर नामों पर चर्चा की गई। किंतु शहर इकाई की ओर से पहली बार सभी पदों पर महिलाओं की नियुक्ति का अनोखे प्रयोग करने की अनुमति मांगी गई।
बताया जाता है कि बैठक में वरिष्ठ नेताओं की ओर से इसका विरोध तो किया गया किंतु चर्चा के बाद इस फैसले से पुरुष पार्षदों में होने वाली नाराजगी की पूरी जिम्मेदारी स्वयं लेने की हिदायतें स्थानीय इकाई को दी गई। वरिष्ठ नेताओं का मानना था कि निश्चित ही यह प्रयोग सराहनीय है किंतु किसी भी पद पर पुरुष पार्षद नहीं होने से कुछ नाराजगी देखने को मिल सकती है।
नेताओं का तय, कांग्रेस पार्षदों की आज बैठक
एक ओर जहां भाजपा के स्थानीय वरिष्ठ नेताओं ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ बैठक कर नियुक्तियों का मसला हल कर लिया वहीं कांग्रेस की ओर से नेताओं के बीच चर्चा के बाद आपसी सहमति बना ली गई है किंतु स्थानीय निकायों का मसला होने के कारण अब कांग्रेस से चुनकर आए पार्षदों पर जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।
जिससे सोमवार को विपक्ष के नेता संजय महाकालकर के नेतृत्व में कांग्रेस के तमाम पार्षदों की बैठक होने जा रही है जिसमें किस समिति में किसे भेजा जाए, इसे लेकर अंतिम मुहर लगेगी। नियमों के अनुसार स्थायी समिति में कांग्रेस के 4 तथा परिवहन समिति में 3 और विषय समितियों में 2-2 मिलाकर कुल 10 समितियों पर 20 पार्षदों के नाम तय करने है।
पहली बार महिला के हाथ परिवहन समिति
माना जा रहा है कि जिस तरह से भाजपा के 15 वर्ष के शासनकाल में चौथी बार सत्ता में आने के बाद पहली बार स्थायी समिति के सभापति पद पर महिला को नियुक्त किया जा रहा है उसी तरह से परिवहन समिति का सभापति भी पहली बार महिला को ही बनाया जा रहा है। इसी तरह से संभवत: तीसरे संवैधानिक पद दुर्बल घटक समिति का सभापति भी महिला ही होने जा रही है।
इसके अलावा अन्य समितियों पर सभापति भी महिलाएं ही होंगी। मनपा के आम चुनावों में भाजपा ने 102 पार्षदों के साथ जीत दर्ज की जिनमें लगभग 55 पार्षद महिलाएं हैं। पुरुष पार्षदों की तुलना में महिला पार्षद अधिक होने से अब पहले वर्ष हर पद पर महिला नियुक्ति का रिकॉर्ड स्थापित किया जा रहा है।
यह भी पढ़ें – Gadchiroli Naxal: ‘देवजी’ ने 15 साथियों संग किया सरेंडर, पढ़ें 131 जवानों के हत्यारे की पूरी कहानी
इस तरह हैं विषय समितियां
- वैद्यकीय सेवा व स्वास्थ्य समिति
- विधि व सामान्य प्रशासन समिति
- गलिच्छ बस्ती निर्मूलन व घर निर्माण समिति
- क्रीड़ा विशेष समिति
- महिला व बाल कल्याण समिति
- जलप्रदाय विशेष समिति
- कर आकारणी व कर संकलन समिति
- अग्निशमन, बिजली समिति
- दुर्बल घटक समिति
- स्थापत्य व प्रकल्प समिति
शहर अध्यक्ष का अनुरोध स्वीकार
उल्लेखनीय है कि महापौर, उपमहापौर और स्थायी समिति के सभापति पर महिलाओं के नामों की घोषणा कर दी गई थी। महापौर और उपमहापौर के पद ग्रहण के दिन ही भाजपा शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी ने पहले वर्ष लगभग सभी पदों पर महिलाओं की नियुक्ति करने की अनूठी सोच उजागर की थी। उन्होंने कहा था कि भाजपा के पास महिला पार्षदों की संख्या अधिक है जिससे यह अनोखा प्रयोग किया जा सकता है। इस संदर्भ में पार्टी को प्रस्ताव दिया जा सकता है। अंतत: उनका अनुरोध स्वीकार भी किया गया।
- नवभारत लाइव पर नागपुर से ललेन्द्र करवाड़े की रिपोर्ट
