नागपुर: चुनावी रिश्वत केस में विधायक को राहत, साड़ी-नकद बांटने के आरोपों पर कोर्ट का बड़ा फैसला; FIR की रद्द
Nagpur Election Bribery Case: नागपुर में चुनाव के दौरान साड़ी और नकद बांटने के आरोप में दर्ज केस में हाईकोर्ट ने विधायक किरण सरनाईक को राहत दी। कोर्ट ने एफआईआर रद्द करते हुए बड़ा फैसला सुनाया।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर चुनाव रिश्वत मामला( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nagpur Voter Bribery Allegation: नागपुर शहर में चुनाव प्रचार के दौरान मतदाताओं को लुभाने के लिए कथित तौर पर साड़ियां और नकद राशि बांटने के मामले में हाई कोर्ट ने विधायक किरण सरनाईक को बड़ी राहत दी। न्या. उर्मिला जोशी फाल्के ने इस मामले में दर्ज एफआईआर को रद्द करने के आदेश जारी किए, विधायक किरण सरनाईक के खिलाफ आणीं पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था।
शिकायत में यह आरोप लगाया गया था कि विधान परिषद चुनाव के दौरान मतदाताओं को आकर्षित करने के उद्देश्य से साड़ियां और नकद राशि बांटी गई थी। इस आधार पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 188 और 171-ई के साथ-साथ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया था।
घटनास्थल पर नहीं थे उपस्थित
मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गौर किया और पाया कि विधायक सरनाईक स्वथ घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे। साथ ही, जांच एजेंसी उनकी संलिप्तता का कोई भी ठोस सबूत अदालत में पेश करने में विफल रही।
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न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि केवल आरोपों के आधार पर कोई अपराध सिद्ध नहीं होता है। अपने फैसले में कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक ‘स्टेट ऑफ हरियाणा बनाम भजनलाल’ मामले के मापदंडों का हवाला दिया।
अदालत ने पाया कि प्रथम दृष्टया इस मामले में कोई अपराध बनता ही नहीं है। इसके परिणामस्वरूप अदालत ने संबंधित एफआईआर, उस पर आधारित आरोप पत्र (चार्जशीट) और आगे की सभी आपराधिक कार्यवाहियों को रद्द कर दिया।
जब्त साड़ियों का सच आया सामने
सुनवाई के दौरान यह भी साफ हुआ कि पुलिस द्वारा जो साड़ियां जब्त की गई थीं, वे वास्तव में आशीष कदम नामक व्यक्ति की थीं। आशीष कदम ने दावा किया था कि उन्होंने ये साड़ियां एक कार्यक्रम के लिए खरीदी थीं।
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अदालत की टिप्पणियों से यह स्पष्ट हुआ कि कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने उन साड़ियों को ले जाकर जानबूझकर विधायक सरनाईक के साथ मामले को जोड़ने का प्रयास किया था।
