नासिक TCS केस: दिल्ली बम धमाके के आरोपी से निदा खान के तार? ATS की एंट्री से मचा हड़कंप, 3 घंटे तक कड़ी पूछताछ

Nashik TCS Case: नासिक के चर्चित टीसीएस (TCS) अत्याचार मामले में अब एटीएस (ATS) की एंट्री हो गई है। दिल्ली बम धमाके के संदिग्धों से तार जुड़े होने की आशंका के बीच रजा और शफी से गहन पूछताछ की गई।
Nashik TCS Case ATS Investigation
नासिक TCS धर्मांतरण केस के आरोपी (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nashik TCS Case ATS Investigation: नासिक टीसीएस कंपनी में कथित अत्याचार मामले में आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) की एंट्री हुई। हिरासत में लिए गए रजा रफीक मेनन और शफी भिकन शेख से विभागीय एटीएस शाखा ने करीब तीन घंटे तक गहन पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, यह पूछताछ इस आशंका के आधार पर की गई कि एचआर मैनेजर निदा खान के दिल्ली बम धमाके के एक आरोपी से संबंध हो सकते हैं। ये दोनों कभी निदा खान के करीबी सहयोगी रहे हैं। एटीएस ने दोनों से देश की सुरक्षा से जुड़े कई सवाल पूछे।

इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसियों ने भी रुचि दिखाई है और दिल्ली एटीएस टीम ने एसआईटी से कुछ जानकारी प्राप्त की थी। इसके बाद कुछ तथ्यों पर संदेह गहराने पर स्थानीय एटीएस को जांच के निर्देश दिए गए। शफी और रजा को तीसरे मामले में एसआईटी ने गिरफ्तार किया था। शनिवार को दोनों को अदालत में पेश किया जाएगा, लेकिन उससे पहले एटीएस ने उनकी पूछताछ की। इस दौरान उनके और निदा खान के कथित संबंधों की भी जांच की गई।

शुक्रवार शाम करीब 5 बजे दोनों को एसआईटी से एटीएस ने हिरासत में लिया और उन्हें अपने कार्यालय ले जाकर पूछताछ की गई। दोनों ने कहा कि वे कंपनी में नौकरी करते थे, उनके ऊपर परिवार की जिम्मेदारी है और लगाए गए आरोप गलत हैं। पूछताछ के बाद उन्हे फिर से एसआईटी को सौंप दिया गया।

डिजिटल और तकनीकी सबूत अहम

इस मामले में डिजिटल और तकनीकी सबूत अहम माने जा रहे हैं। कई सबूतों की क्लोनिंग की गई है, जिनसे चौंकाने वाले खुलासे होने की बात कही जा रही है। जांच टीम ने सभी आठ आरोपियों के मोबाइल और लैपटॉप जब्त किए हैं। ऑपरेशन मैनेजर आश्विनी चेनानी को मिले कुल 78 ईमेल और 22 फोन कॉल्स की फॉरेंसिक जांच की गई है। फरार निदा खान और आरोपियों के बीच हुए कथित चैट्स की भी जांच की जा रही है।

रिसॉर्ट के सीसीटीवी फुटेज भी जब्त

सूत्रों के अनुसार, नासिक टीसीएस ऑफिस के काम से अलग हुई बातचीत को संदिग्ध माना गया है। पीड़ितों को फंसाकर धर्मांतरण की साजिश से जुड़े एक वॉट्सऐप ग्रुप के भी डिजिटल सबूत मिले हैं। एक रिसॉर्ट के सीसीटीवी फुटेज भी जांच टीम ने जब्त किए हैं। अब तक 9 मामले दर्ज होने के बाद पीड़ितों के बयान भी लिए गए हैं। जांच एजेंसी डिजिटल और तकनीकी सबूतों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।

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