मेडिकल में 3 प्रतीक्षा शेड्स का निर्माण रुका, वृक्ष कटाई की अनुमति न मिलने और निधि अटकने से काम ठप
Construction Halted Issue: नागपुर मेडिकल में 8 में से 3 प्रतीक्षा शेड्स का निर्माण वृक्ष कटाई की अनुमति और निधि रुकने के कारण ठप है। हाई कोर्ट ने सरकार से विस्तृत रिपोर्ट तलब की।
- Written By: आंचल लोखंडे
मेडिकल में 3 प्रतीक्षा शेड्स का निर्माण रुका (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Nagpur Medical Waiting Sheds: नागपुर मेडिकल परिसर में मरीजों के रिश्तेदारों के लिए प्रस्तावित 8 प्रतीक्षा शेड्स के निर्माण में अभी भी अपेक्षित तेजी नहीं आ सकी है। हाई कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद 3 शेड्स का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। हाई कोर्ट ने 5 मार्च 2024 को इन प्रतीक्षा शेड्स के निर्माण के आदेश दिए थे।
एक वर्ष बीत जाने के बाद भी आदेश का पालन न होने पर कोर्ट ने नाराजगी व्यक्त की थी। इसके बाद कोर्ट ने मेडिकल के डीन को 21 मार्च 2025 तक शेड्स के लिए स्थान चयन और सीमांकन पूरा करने का निर्देश दिया था, साथ ही यह भी संकेत दिया था कि यदि देरी हुई तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए समिति गठित की जाएगी। इसके बाद ही निर्माण कार्य में कुछ तेजी आई थी।
निधि का संकट
न्यायालयीन मित्र अधिवक्ता अनूप गिल्डा ने जानकारी दी कि 8 में से 5 प्रतीक्षा शेड्स का निर्माण पूरा हो चुका है। लेकिन शेष 3 शेड्स का कार्य वृक्ष कटाई की अनुमति न मिलने के कारण शुरू नहीं हो सका है। निर्माण के लिए निधि का अटकना भी बड़ी समस्या है। सुनवाई के दौरान एनएमआरडीए के वकील अधिवक्ता सुधीर पुराणिक ने कोर्ट को बताया कि कुल निर्माण लागत 48 करोड़ रुपये है। राज्य सरकार ने पहले चरण में केवल 20 करोड़ रुपये ही जारी किए हैं।
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अधिवक्ता पुराणिक ने बताया कि ठेकेदार ने अपने स्वयं के खर्च से 20 करोड़ रुपये निवेश किए हैं। शेष निधि तुरंत जारी करने का निर्देश देने का अनुरोध भी उन्होंने किया। कोर्ट ने इस संबंध में राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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सुविधाओं और समस्याओं पर रिपोर्ट तलब
हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से यह भी जानकारी मांगी है कि जो प्रतीक्षा शेड्स पूर्ण हो चुके हैं, उनमें कौन-कौन सी जनसुविधाएं उपलब्ध हैं। कोर्ट ने पीने के पानी की सुविधा, पंखे, प्रकाश व्यवस्था आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी हलफनामे के माध्यम से प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। अदालत मित्र गिल्डा को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे मेडिकल परिसर का दौरा करें और वहां की प्रत्यक्ष समस्याओं का निरीक्षण कर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
