

Kite Market Nagpur: बुधवार को मकर संक्रांति का पर्व शहर में पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। सुबह की शुरुआत ही ‘ओ… काट ओ… काट’ की गूंज के साथ हुई। बच्चों से लेकर युवाओं तक में सुबह से ही पतंग उड़ाने और पेंच लड़ाने का जबरदस्त जोश देखने को मिला। उत्साह इतना था कि शाम तक शहर का आसमान सतरंगी पतंगों से पटा रहा।
नायलॉन मांजे पर प्रतिबंध के बाद लोगों ने बरेली सहित अन्य वैकल्पिक मांजों की जमकर खरीदारी की। बाजारों में कार्टून कैरेक्टर, फिल्मी सितारों और राजनेताओं की तस्वीरों वाली पतंगों की खूब बिक्री हुई। पतंगबाजों का जोश देखते ही बनता था।
युवाओं ने एक दिन पहले ही पतंग उड़ाने की पूरी तैयारी कर ली थी। शहर की कई छतों पर डीजे, साउंड सिस्टम और लाउडस्पीकर लगाए गए, जिससे पतंगबाजी का माहौल और भी रंगीन हो गया। कुछ लोग पतंग उड़ाने में व्यस्त रहे तो कई पेंच लड़ाने का आनंद लेते नजर आए। नाश्ते और भोजन की व्यवस्था भी छतों पर ही की गई। व्यापारियों के अनुसार, अकेले नागपुर में संक्रांति के दो से तीन दिनों में पतंगों का करोड़ों रुपये का व्यापार हुआ। मकर संक्रांति पर तिल और गुड़ का विशेष महत्व होता है। इस अवसर पर ‘तिल गुड़ खा आणि गोळ गोळ बोला’ की परंपरा निभाई गई। महिलाओं ने घरों में तिल और गुड़ से बनी मिठाइयां तैयार कीं।
रंग-बिरंगी पतंगों के साथ आसमान में छोटा भीम और ड्रैगन वाली पतंगें भी छाई रहीं। पतंगबाज खिचड़ी का आनंद लेते हुए दोस्तों और परिजनों के साथ पतंग उड़ाते नजर आए। बच्चों में स्पाइडर मैन, छोटा भीम, डोरेमॉन, बेन टेन, एयरोप्लेन, बटरफ्लाई, चमगादड़, पैराशूट और ड्रैगन डिजाइन वाली पतंगों व चरखियों की खास मांग रही। शाम होते-होते आसमान में लैंप वाले गुब्बारे भी उड़ते दिखाई दिए।
शहर में जगह-जगह सजी पतंगों की दुकानों पर मांजे की नई चकरियां खरीदी गईं, वहीं कई लोग अपनी पुरानी चकरियों को मांजे से फुल कराते नजर आए। मंगलवार रात तक दुकानों पर पतंग और मांजा खरीदने वालों की भीड़ लगी रही। मांजे में 6, 9 और 12 तार की सबसे ज्यादा मांग रही, जिनकी कीमतें अलग-अलग थीं। प्रतिबंध के बावजूद प्लास्टिक की पतंगें भी कई जगह उड़ती नजर आईं।