
पतंग बाजार (सौजन्य-नवभारत)
Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर आसमान में सतरंगी क्रांत होगी। कम्प्यूटर व मोबाइल गेम के बीच अब पतंगें भी हाईटेक हो रही हैं। युवाओं और बच्चों में इसका क्रेज दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। इसके लिए ऑरेंज सिटी का पतंग बाजार पूरी तरह से स्टाइलिश पंतगों व विशेष प्रकार चकरी के साथ सज गए हैं। अब युवा और बच्चों के एक्साइटमेंट भी पतंग की तरह आसमान छूने को तैयार है। पेंच लड़ाने के लिए एकदम बेसब्र।
अभी मकर संक्रांति को कुछ दिन ही शेष हैं। बच्चे और युवा पतंग बाजार में पहुंचकर पतंगों की खरीदी में लगे हैं। बाजार में कलरफुल फैंसी पतंगों के साथ जहां फैंसी पतंग छायी हुई है, वहीं बच्चों के लिए कार्टून कैरेक्टर डिजाइन की पतंगें बिक रही है। इसमें शनचेन, स्पाइडर मैन, छोटा भीम, मकी माउस प्रिंटेड कई वैरायटी में पतंगें खास हैं।
इसके अलावा बलून व पैराशूट पतंग भी आसमान में धमाल मचाने के लिए तैयार हैं। मकर संक्रांति पर्व के दौरान कई स्थानों पर पतंग महोत्सव जैसा नजारा होता है लेकिन ऑरेंज सिटी के गगन में तो पतंग अभी से ही उड़ान भरती हुई देखी जा सकती है।
इतवारी के पतंग व्यापारी केशव पराते बताते हैं कि बच्चे अपने कार्टून कैरेक्टर को किसी भी क्षेत्र में नहीं छोड़ना चाहते, फिर चाहे वह टीवी का क्षेत्र हो या पतंग का। इन दिनों मार्केट में छाये अलग-अलग कार्टून कैरेक्टर में स्पाइडर मैन, छोटा भीम, डोरेमॉन, बैनटेन, एयरोप्लेन, बटरफ्लाई व चमगादड़, पैराशूट व ईगल आकार वाली पतंगें बच्चों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
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वहीं लव कपल के लिए वैलेंटाइन डे वाली पतंग भी आकर्षित कर रही है। वे बताते हैं कि पतंगों का बाजार वैसे तो 15 अगस्त से शुरू हो जाता है लेकिन इसका मार्केट दिसंबर, जनवरी से ही जोर पकड़ता है जो कि 26 जनवरी तक चलता है। नाग नदी चौक से लेकर गजानन चौक तक कम से कम 70 से 80 दुकानें लगती हैं। यहां पर हर तरह की छोटी से बड़ी पतंगें मिलती हैं। वहीं इस समय शहर के हर गली-मुहल्लों में सजी दुकानों में बच्चों की भीड़ देखी जा सकती है।
– 5 से 2,000 रुपये की पतंग मार्केट में
– 350 रुपये से शुरू 9 तार वाली मांजे की चकरी
संक्रांति के दिन पतंग उड़ाने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। इस दिन पतंग उड़ाने का एक विशेष ही महत्व होता है। इस एक दिन के त्योहार में लाखों पतंगें उड़ती हैं। इसी एक दिन पूरे नागपुर जिले में पतंग और मांजे का करोड़ों का कारोबार होता है। पतंगें दिल्ली, नोएडा, बरेली, बेंगलुरु, कोलकाता व गुजरात से मंगाई जाती हैं।
इस समय प्लास्टिक की पतंगों पर बैन लगने के चलते कागज की पतंगों की कीमतें काफी अधक बढ़ गई हैं। इनमें बड़ी साइज वाली पतंगें 350 से 2,000 रुपये तक आ रही हैं। वहीं 12 तार वाली मांजे की चकरी 400, 9 तार वाली 350 रुपये में चल रही है। इसी तरह विविध क्वालिटी वाले मांजे के अलग-अलग रेट चल रहे हैं।
मार्केट में कई फैंसी पतंगों के साथ ही बालीवुड हीरो-हीरोइन्स, सबका चहेता तारक मेहता का उल्टा चश्मा, क्रिकेट स्टार्स के साथ-साथ भगवान वाली पतंगों और मोदी पतंग की अच्छी डमांड बनी हुई है। पतंगें 5 ताव से लेकर 10 ताव (10&10) तक बनती हैं।






