Nagpur Metro Alternate Route Repairs Demand News: महाराष्ट्र के उपराजधानी नागपुर में महामेट्रो के दूसरे चरण का काम इन दिनों युद्धस्तर पर चल रहा है, लेकिन विकास की यह रफ्तार आम जनता के लिए जानलेवा साबित हो रही है। हिंगना मार्ग पर मेट्रो निर्माण के चलते हो रही लगातार दुर्घटनाओं ने स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की चिंता बढ़ा दी है। इसी समस्या को लेकर डिंगडोह और निलडोह की नगराध्यक्षाओं के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने महामेट्रो के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया है।
13 मार्च को वानाडोंगरी क्षेत्र में मेट्रो कार्य के दौरान हुए एक और हादसे ने आग में घी डालने का काम किया। इसके बाद 15 मार्च को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डिंगडोह की नगराध्यक्षा पूजा उके और निलडोह की नगराध्यक्षा भूमिका मंडपे ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए। उन्होंने बताया कि जब से मेट्रो के दूसरे चरण का काम शुरू हुआ है, तब से अब तक 10 वाहन चालकों की सड़क हादसों में जान जा चुकी है। 06 लोग गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में भर्ती हैं। 50 से अधिक छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं।
मेट्रो निर्माण के कारण मुख्य मार्ग बाधित होने पर यातायात को लोकमान्य नगर मेट्रो स्टेशन से होते हुए इसासनी-वागधरा, माधवनगरी और रायपुर-हिंगना जैसे वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ा गया था। लेकिन भारी वाहनों के दबाव के कारण इन अंदरूनी सड़कों की हालत पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। गड्ढों और धूल के कारण वाहन चलाना दूभर हो गया है। नेताओं ने मांग की है कि महामेट्रो तुरंत इन वैकल्पिक मार्गों की मरम्मत कराए ताकि और जानें न जाएं।
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सिर्फ सड़कें ही नहीं, बल्कि स्वच्छता भी एक बड़ा मुद्दा बन गई है। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि लोकमान्य नगर मेट्रो स्टेशन से निकलने वाला गंदा पानी खुले स्थानों पर जमा हो रहा है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। इस समस्या के समाधान के लिए वहां बंद पड़े STP (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) को तत्काल प्रभाव से शुरू करने की चेतावनी दी गई है। इस प्रेस वार्ता में पूर्व जिप सदस्य अंबादास उके, कैलाश गिरी, रवि कोकाटे, अरविंद ढोने और लीलाधर दाभे जैसे प्रमुख नेता उपस्थित थे।