आरक्षण विवाद के बीच तेज हुआ चुनावी रण, नागपुर में तीन उम्मीदवार निर्विरोध जीते
Maharashtra Nikay Chunav: नागपुर जिले में नगर परिषद व नगर पंचायत चुनावों के बीच आरक्षण सीमा बढ़ने से चुनाव खतरे में हैं। उधर दल जोरदार प्रचार में जुटे हैं। तीन उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए।
- Written By: आकाश मसने
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Nagpur Local Body Elections News: महाराष्ट्र में नगर परिषद और नगर पंचायतों के चुनाव आरक्षण सीमा पार होने के कारण भले ही खतरे में हों लेकिन दूसरी ओर राजनीतिक दल और उम्मीदवार जोर-शोर से प्रचार कर रहे हैं। चर्चा है कि जीत के लिए साम-दाम का इस्तेमाल किया जा रहा है।
नागपुर जिले में 3 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। इनमें वानाडोंगरी से 1 और बुटीबोरी नगर परिषद से 2 उम्मीदवार शामिल हैं। जिले में 12 नगर पंचायतों और 15 नगर परिषदों में चुनाव हो रहे हैं। इनमें से 17 जगहों पर आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत तक बढ़ा दी गई है।
इसमें बूटीबोरी, डिगडोह (देवी), कामठी, काटोल, खापा, उमरेड, कन्हान, पिंपरी और वाड़ी कुल 8 नगर परिषदें और बेसा-पिपला, भिवापुर, बिडगांव, गोधनी (रेलवे), कांद्री, महादुला, मौदा, नीलडोह और येरखेड़ा कुल 9 नगर पंचायतें शामिल हैं। इस वजह से यहां चुनाव में देरी होने की संभावना है।
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चुनाव आयोग को भेजनी होगी रिपोर्ट
नागपुर जिले में 3 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं। राज्य चुनाव आयोग के आदेश के अनुसार, तीनों जगहों की स्थिति पर एक रिपोर्ट आयोग को भेजनी होगी। उसकी मंजूरी से ही उन्हें विजेता घोषित किया जा सकेगा। नगर प्रशासन अधिकारी विनोद जाधव ने बताया कि इस संबंध में आयोग से रिपोर्ट प्राप्त हुई है जिसे भेज दिया गया है।
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आचार संहिता उल्लंघन की 2 शिकायतें
नगर पंचायत और नगर परिषद चुनाव के लिए प्रचार जोरों पर है। चुनाव के दौरान आचार संहिता का उल्लंघन न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी एहतियात बरत रहा है। प्रशासन के अनुसार अब तक आचार संहिता के उल्लंघन की 2 शिकायतें मिली हैं जिनका समाधान कर दिया गया है।
