चिह्न वितरण में देरी से यवतमाल में हंगामा, निर्दलीय उम्मीदवारों ने चुनाव कार्यालय पर बोला धावा

Yavatmal Elections News: यवतमाल नगर परिषद चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों को चिह्न वितरण में भारी देरी से नाराजगी भड़की। एसडीओ कार्यालय में विरोध, हंगामा और चिह्नों को लेकर छीना-झपटी तक की नौबत आ गई।
Election Symbol Distribution Delay In Yavatmal
यवतमाल में चुनाव चिह्न वितरण के दौरान मौजूद उम्मीदवार (फोटो नवभारत)
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Election Symbol Distribution Delay In Yavatmal: यवतमाल नगर परिषद चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न देने में भारी विलंब किया गया। बुधवार को इस देरी से नाराज निर्दलीय उम्मीदवारों ने चुनाव निर्णय अधिकारी के कार्यालय में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल ने उन्हें चुनाव प्रचार से दूर रखने के लिए “सुपारी” ली है और जानबूझकर चिह्न वितरण में रुकावट डाली जा रही है। नगर परिषद चुनाव की सरगर्मी तेज हो चुकी है।

राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों ने प्रचार भी शुरू कर दिया है, लेकिन निर्दलीय उम्मीदवारों को अभी तक चुनाव चिह्न ही नहीं मिला था। अब बचे हुए तीन दिनों में हम मतदाताओं तक कैसे पहुंचेंगे? यह सवाल उठाते हुए निर्दलीय उम्मीदवारों ने एसडीओ कार्यालय में तीखा रोष व्यक्त किया।

चुनाव चिह्न को लेकर क्यों हुआ हंगामा?

सुबह 11 बजे चुनाव चिह्नों का वितरण होना था, लेकिन दोपहर साढ़े तीन बजे तक चिह्न न मिलने से उम्मीदवार उग्र हो गए। वे एसडीओ गोपाल देशपांडे और तहसीलदार योगेश देशमुख के केबिन के बाहर जमा हो गए और सवाल पूछने लगे हमें चिह्न कब मिलेगा?”छपाई कब करेंगे?” प्रचार के लिए हमारे पास अब कितने दिन बचेंगे?”

केबिन के बाहर हुए हंगामे के कारण कुछ समय कामकाज बंद रहा। बाद में प्रक्रिया फिर शुरू की गई और नगराध्यक्ष पद के निर्दलीय उम्मीदवारों को प्राथमिकता से चिह्न वितरित किए गए। इसके बाद नगरसेवक पद के उम्मीदवारों को चिह्न मिलना शुरू हुआ। पूरा परिसर उमड़ती भीड़ से भर गया था।

आखिर प्रशासन ने किया क्या?

चुनाव का कार्यक्रम एक महीने पहले ही घोषित हो चुका था। 25 नवंबर को चिह्न वितरण होना था, लेकिन आपत्तियों की सुनवाई के कारण इसे 26 नवंबर पर टाल दिया गया। फिर भी सुबह 11 बजे निर्धारित वितरण दोपहर साढ़े तीन बजे तक नहीं हो सका। इससे नाराज निर्दलीय उम्मीदवारों ने सवाल उठाया 21 से 25 नवंबर तक चुनाव विभाग की मशीनरी आखिर क्या कर रही थी?

नगाड़ा और सिलेंडर के लिए छीना-झपटी

चिह्न वितरण में देरी से जहां पहले ही माहौल तनावपूर्ण था, वहीं कुछ उम्मीदवार “नगाड़ा” चिह्न पाने पर अड़ गए थे। दूसरी ओर कुछ उम्मीदवार “सिलेंडर” चिह्न के लिए जोर दे रहे थे। इन्हीं चिह्नों को लेकर उम्मीदवारों में खींचतान भी देखने को मिली।

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