Nagpur: भूमि अधिग्रहण सलाहकार पर विवाद गहराया, कार्यकाल बढ़ाने से इनकार के बाद गडकरी के प्रकल्पों पर सवाल
Nagpur Land Acquisition Advisor: मनपा भूमि अधिग्रहण सलाहकार का कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव खारिज होने के बाद प्रकल्पों पर असर की चर्चा तेज। फ्लाईओवर योजनाओं की रफ्तार पर सवाल खड़े हुए।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर भूमि अधिग्रहण सलाहकार विवाद,(प्रतिकात्मक तस्वीर सोर्स: सोशल मीडिया)
Nagpur Pramod Gavande Controversy: नागपुर शहर में कांग्रेस के नगरसेवकों की शिकायत तथा जांच के दौरान कई खुलासे होने का हवाला देते हुए स्थायी समिति सभापति शिवानी दानी की ओर से भले ही मनपा के भूमि अधिग्रहण सलाहकार के कार्यकाल को बढ़ाने से साफ इनकार कर दिया गया हो, लेकिन अब प्रस्ताव ठुकराए जाने के बाद से यह मसला चर्चाओं में है।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में हुई स्थायी समिति की बैठक में भूमि अधिग्रहण सलाहकार के रूप में प्रमोद गावंडे का कार्यकाल 6 माह के लिए बढ़ाने का प्रस्ताव प्रशासन द्वारा रखा गया था। स्थायी समिति में चर्चा के दौरान कांग्रेस के सदस्य वसीम खान ने गावंडे के खिलाफ कई शिकायतें होने और इसके सबूत पेश करने के बाद समिति सभापति दानी ने कार्यकाल बढ़ाने से साफ इनकार कर दिया था।
जानकारों की मानें तो प्रस्ताव को ठुकराए जाने के बाद से प्रशासन को मानो सांप सूंघ गया है। सूत्रों के अनुसार तमाम फ्लाईओवर प्रकल्प, जहां भूमि अधिग्रहण किया जाना है, वे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के महत्वाकांक्षी प्रकल्पों में शामिल हैं। ऐसे में अब अचानक भूमि अधिग्रहण सलाहकार बदल जाने से प्रकल्पों पर ग्रहण लगने से इनकार नहीं किया जा सकता है।
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अब अनुभवी व्यक्ति की नियुक्ति का सिरदर्द मनपा के गलियारों में चल रही चर्चाओं के अनुसार स्टैंडिंग की ओर से चलाए गए इस डंडे के बाद भले ही भूमि अधिग्रहण सलाहकार को घर भेज दिया गया हो, लेकिन अब उनकी जगह नए अनुभवी व्यक्ति की नियुक्ति का सिरदर्द बढ़ गया है। विशेष रूप से सिटी में जहां-तहां फ्लाईओवर का जाल बिछाया जा रहा है।
एक ओर जहां इंदीरा चौक से लेकर पारडी चौक तक सबसे बड़ा फ्लाईओवर बन रहा है, वहीं भंडारा रोड के विस्तार का भी काम शुरू हो गया है। बताया जाता है कि इंदोरा चौक से लेकर दिघोरी चौक के बीच कुछ स्थानों पर सर्विस रोड को उतारा जाना है, जहां पर भूमि अधिग्रहण किया जाना है। अधिकारियों के अनुसार भूमि अधिग्रहण सलाहकार के रूप में गावंडे को 2024 से रखा गया था।
उन्हें इन प्रकल्पों के भूमि अधिग्रहण की पूरी जानकारी है। यहां तक कि इस मसले में नगर रचना विभाग भी दखलअंदाजी नहीं देता है। इतना महत्वपूर्ण कार्य अब अटक गया है। भंडारा रोड का मसला भी अधर में जानकारों की मानें तो पुराना भंडारा रोड के विस्तारीकरण के लिए काफी समय पहले ही
मार्किंग आदि की जा चुकी है।
यहां तक कि लोगों को मुआवजा भी घोषित किया जा चुका है किंतु वास्तविकता यह है कि कई लोग इस अधिग्रहण के एवज में कम भुगतान होने का हवाला देते हुए हाई कोर्ट पहुंचे हैं। हाई कोर्ट से अभी इस संदर्भ में कोई फैसला तो नहीं हुआ है, किंतु किसी भी समय फैसला होने की उम्मीद है। ऐसे में भूमि अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया में अब तक सलाहकार की भूमिका को देखते हुए उनके जाने से यह मसला भी अधर में अटकने की संभावना जताई जा रही है।
अब कब होगा कडबी चौक फ्लाईओवर ?
सूत्रों के अनुसार कडबी चौक से लेकर मोमीनपुरा स्थित पहलवान शाह दरगाह के पास उतारे जा रहे इस फ्लाईओवर के लिए अब तक पहलवान शाह दरगाह के आसपास की जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पायी है।
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जानकारों की मानें तो भले ही फ्लाईओवर के निर्माण की जिम्मेदारी अन्य एजेंसी के पास हो, लेकिन जहां भी भूमि अधिग्रहण करना हो, तो यह जिम्मेदारी महानगर पालिका पर है। इसमें भूमि अधिग्रहण सलाहकार की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सर्वे हो चुका लेकिन अधिग्रहण ही अटका
बताया जाता है कि केडीके कॉलेज रोड पर वाहनों की आवाजाही बढ़ जाने तथा ट्रैफिक की समस्या को देखते हुए केडीके कॉलेज से सीधे वाठोडा रिंग रोड को जोड़ने वाली सड़क के विस्तारीकरण का प्रस्ताव तैयार किया गया।
सड़क चौड़ाईकरण के लिए आवश्यक सर्वे भी पूरा किया जा चुका है। केवल जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पायी है। बताया जाता है कि जल्द ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू होने जा रही थी किंतु अब अधिग्रहण सलाहकार ही बदल जाने से प्रक्रिया को लेकर संदेह जताया जा रहा है।
