कोराडी पावर प्लांट हादसा( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nagpur Koradi Power Plant Negligence: नागपुर एक बार फिर कोराडी थर्मल पावर स्टेशन (केटीपीएस) में दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई जिससे 8 निर्दोष कर्मियों की जान पर बन आई। यूनिट 10 में हुई गर्म गैस रिसाव में 8 कर्मचारी बुरी तरह झुलस गए जिसमें एक गंभीर है।
यह विद्युत प्रकल्प लगता है हादसों का प्रकल्प बन गया। बार-बार हो रही दुर्घटनाओं के बाद भी प्रबंधन की लापरवाही लगातार जारी है। यहां से निकलने वाली राख से आसपास के परिसर में प्रदूषण जहां लोगों को फेफड़ों की बीमारी दे रहा है वहीं कई एकड़ जमीन राख से खराब हो चुकी है।
इस प्रकल्प में बार-बार हो रहे हादसे यहां के सुरक्षा मानकों व पर्यावरणीय उपाययोजनाओं पर सवाल खड़े कर रहे हैं। यह दुर्भाग्य ही है कि तीन-तीन उर्जामंत्री इसी जिले से होने के बावजूद इन मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया जिसका दुष्परिणाम वहां कार्यरत कर्मियों को भुगतना पड़ रहा है। गर्म फ्लाई एश, गर्म भाप और राख के घोल के लीकेज की घटनाएं एक नहीं कई बार हुई हैं।
एक माह पूर्व 11 मार्च को भी प्लांट के टबॉइन मेंटेनेंस विभाग में एक हॉट एयर पाइपलाइन अचानक लीक हो गई थी। इस घटना में गर्म भाप से 4 कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए थे।
दिसंबर 2025 को प्लांट के 660 मेगावाट यूनिट में विषैली गैस का रिसाव हुआ था जिससे 15-18 मजदूर प्रभावित हुए थे। इन घटनाओं के बाद भी प्रबंधन सचेत नहीं हुआ। बार-बार हो रहे हादसों के चलते जहां कर्मियों में रोष है वहीं नागिरक भी सवाल उठाने लगे हैं।
यह भी बताते चले कि जुलाई 2022 में प्रकल्प का ऐश डैम टूटने की बड़ी घटना हुई थी। मूसलाधार बारिश के दौरान कोराडी प्लांट का ऐश डैम टूट गया था। इस घटना में जहरीली राख का घोल खेतों और घरों में पुस गया था, जिससे आसपास के गांव में भारी तबाही हुई थी।
फरवरी 2024 में भी ऐश बांड की अंदरुरी दीवार टूट गई थी, राख का घोल बह निकला था। इस हादसे मै ४ इधर राख की कीचड़ में फंस गए थे। मई 2024 में तो 660 मेगावाट के 8वें यूनिट में बॉयलर ट्यूब लीकेज के कारण उत्पादन ही ठप हो गया था।
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इतना ही नहीं पर्यावरणीय सर्वे में पाया गया है कि कोराडी पावर प्लांट से निकलने वाली फ्लाई ऐश के कारण आस-पास की नदियां कोलार और कन्हान के साथ ही भूजल दूषित हो रहा है।