फडणवीस सरकार का बड़ा कदम: 1 महीने में नियुक्त होगा सलाहकार, वैनगंगा-नलगंगा प्रोजेक्ट से बदलेगी जिलों की किस्मत

Wainganga Nalganga River Link: वैनगंगा-नलगंगा नदी जोड़ो परियोजना के लिए 1 महीने में नियुक्त होगा सलाहकार। ₹95,000 करोड़ की लागत से विदर्भ की प्यास बुझाने की तैयारी शुरू।
Maharashtra govt to appoint a consultant for the 95,000 crore Wainganga-Nalganga river linking project to get central environmental clearance.
वैनगंगा-नलगंगा नदी परियोजना (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Wainganga Nalganga Vidarbha Water Project: वैनगंगा-नलगंगा नदी (Wainganga Nalganga) को जोड़ने की परियोजना के लिए प्रशासन ने एक और कदम आगे बढ़ाया है। केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से मंजूरी लेने के लिए एक सलाहकार नियुक्त किया जाएगा। प्रशासन इस प्रक्रिया को 1 महीने के भीतर पूरा करने का प्रयास कर रहा है।

लगभग 95,000 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना जिसमें विदर्भ को जल उपलब्ध कराने की क्षमता है, सूखाग्रस्त क्षेत्रों के लिए जीवन रक्षक साबित हो सकती है। यह भी दावा किया जा रहा है कि इससे पश्चिमी विदर्भ में कृषि, पेयजल और उद्योगों की जल समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी। सरकार ने इस परियोजना के लिए राज्य स्तरीय अधिकांश प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं।

मंजूरी मिलते ही शुरू होगा काम

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बजट में इस परियोजना की घोषणा भी की थी। इसके बाद प्रशासन ने काम में तेजी लाई। गोसेखुर्द पुनर्वास विभाग के कार्यकारी अभियंता कार्यालय ने इस संबंध में निविदाएं जारी कर दी हैं। यह निविदा 3 करोड़ 83 लाख 84 हजार रुपये की है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी मिलते ही इसका काम शुरू हो जाएगा।

सलाहकार हर मौसम में जल और वायु प्रदूषण के स्तर, तापमान, परियोजना की स्थापना के बाद पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव, किए जाने वाले उपायों आदि का अध्ययन करेगा। इसके बाद सभी 8 जिलों में जनसुनवाई के माध्यम से पर्यावरण के संबंध में नागरिकों की राय जानी जाएगी।

9 महीनों में आएगी रिपोर्ट

गोसेखुर्द परियोजना मुख्य अभियंता जयंत गवली ने बताया इस महीने के अंत तक एक सलाहकार नियुक्त कर दिया जाएगा। पर्यावरण और अन्य पहलुओं के अध्ययन में लगने वाले समय को ध्यान में रखते हुए रिपोर्ट लगभग 9 महीनों में प्रस्तुत की जाएगी। इसके बाद केंद्र की 'कमेटी फॉर रिवर वैली प्रोजेक्ट' के समक्ष एक प्रस्तुति दी जाएगी। केंद्र की मंजूरी के बाद परियोजना कार्य में तेजी आएगी।

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