नागपुर के कोराडी-खापरखेड़ा पावर प्लांट से प्रदूषण: नांदगांव ऐश पॉन्ड ओवरफ्लो पर बॉम्बे हाईकोर्ट सख्त

Nagpur Thermal Power Plant Pollution: नागपुर के खापरखेड़ा पावर प्लांट से फैल रहे प्रदूषण और ऐश पॉन्ड के ओवरफ्लो पर बॉम्बे HC ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
Koradi Thermal Power Station
कोराडी-खापरखेड़ा पावर प्लांट सोर्स- सोशल मीडिया
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Highlights

  • कोराडी और खापरखेड़ा बिजलीघरों से जुड़े राख व प्रदूषण का मामला हाईकोर्ट पहुंचा।

  • नांदगांव ऐश पॉन्ड ओवरफ्लो होने से ग्रामीणों और मछुआरों को नुकसान की जानकारी दी गई।

  • प्रदूषित पानी से पास का तालाब प्रभावित होने का दावा किया गया।

  • MPCB, NEERI और IIT बॉम्बे की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कोर्ट ने प्रतिवादियों से जवाब मांगा।

Koradi Thermal Power Station: नागपुर जिले के कोराडी ताप बिजलीघर और खापरखेड़ा ताप बिजलीघर से उठने वाली राख के कारण हो रहे प्रदूषण को लेकर राजेश उर्फ धम्मेश चौहान ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की।

याचिकाकर्ता ने याचिका में खापरखेड़ा थर्मल पावर स्टेशन (KTPS) से निकलने वाले जहरीले धुएं और पर्यावरण पर उसके घातक प्रभावों का मुद्दा उठाया गया है। याचिका में विशेष रूप से नदियों में राख के विसर्जन और नालों के पानी के माध्यम से होने वाले जल प्रदूषण की ओर ध्यान आकर्षित किया गया।

अब नांदगांव ऐश पॉन्ड (राख तालाब) के ओवरफ्लो होने और उससे ग्रामीणों व मछुआरों को हुए भारी नुकसान पर हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। इस संदर्भ में न्यायाधीश अनिल किलोर और न्यायाधीश रजनीश व्यास ने प्रतिवादियों को जवाब दायर करने का आदेश दिया।

खापरखेड़ा ताप बिजलीघर के पास का तालाब भी प्रदूषित

अदालत में सुनवाई के दौरान अदालत मित्र एनबी कलवाचे ने बताया कि नांदगांव ऐश पॉन्ड के ओवरफ्लो होने से ग्रामीणों और मछुआरों को भारी नुकसान पहुंचा है। इससे पास का वह तालाब भी प्रदूषित हो गया है जिस पर कई मछुआरों की आजीविका निर्भर करती है।

इसके अलावा इस घटना में एक गाय और एक भैंस की भी मौत हो चुकी है। अदालत का ध्यान 29 अक्टूबर 2026 को समाचार पत्र में प्रकाशित एक खबर की ओर आकर्षित किया गया। सुनवाई में यह बात सामने आई कि विशेषज्ञों ने इस समस्या से निपटने के लिए एक लैगून बनाने का सुझाव दिया था लेकिन उस सुझाव पर अमल नहीं किया गया।

अदालत मित्र ने कहा कि प्रतिवादी ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि प्रतिवादी जवाब पेश करने में विफल रहते हैं तो अदालत उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने पर विचार करेगी।

Koradi Thermal Power Station
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MPCB, NEERI और IIT बॉम्बे की रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे

अदालत ने पहले ही महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड NEERI और IIT बॉम्बे द्वारा 8 जुलाई 2024 को प्रस्तुत की गई एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट का हवाला दिया था जिसमें नागपुर, अमरावती और चंद्रपुर सहित राज्य के 10 शहरों में वायु गुणवता और उत्सर्जन के स्रोतों पर किए गए इस अध्ययन में वह स्पष्ट रूप से पाया गया है कि सबंधिक उत्सर्जन भार - कोराडी और खापरखेडा जैसे वर्मल पावर प्लांटों से ही उत्पन्न होता है।

विशेषतः सिटी के वायु प्रदूषण को लेकर इसके पूर्व छपी खबरों पर हाई कोर्ट की और से स्वयं संज्ञान लिया गया था। स्वयं संज्ञान वाली याचिका को इस जनहित याचिका के साथ जोड़ने का आदेश भी कोर्ट ने दिया।