नागपुर: कोंढाली में दर्दनाक हादसा, खुले गड्ढे में गिरने से 3 साल के मासूम की मौत, कार्रवाई की मांग
Nagpur Pithole Accident: नागपुर के कोंढाली शहर मे खुले ओर असुरक्षित गड्ढे में गिरने से 3 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। इस लापरवाही के लिए परिजनों ने नगरसेवक और प्लॉट मालिक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
- Written By: केतकी मोडक
दर्दनाक हादसा source (सोशल मी़डिया)
Nagpur Kondhali Pithole Accident: नागपुर जिले के काटोल तहसील के कोंढाली के प्रभाग 17 में घटित एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है। यहां 3 वर्षीय लाभांश कुलदीप चंदनखेड़े की एक खुले और असुरक्षित गड्ढे में गिरने से मौत हो गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश का माहौल है, जिसके चलते अब स्थानीय नगरसेवक और निजी प्लॉट मालिक के खिलाफ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज की गई है।
गड्ढे ने ली नन्हे लाभांश की जान
जानकारी अनुसार, यह हादसा 26 अप्रैल की शाम करीब 6 से 8 बजे के बीच हुआ। लाभांश अपने घर के बाहर बने मैदान में खेल रहा था। खेलते-खेलते वह पास ही स्थित एक निजी प्लॉट पर पहुंच गया, जहां एक गहरा गड्डा खोदा गया था। घटना पर मोजुद लोगों के अनुसार, यह गड्डा पानी और कीचड़ से लबालब भरा था और इसे ढका नहीं गया था। गड्ढे में गिरते ही मासुम बच्चा गहरे कीचड़ में फंस गया और दम घुटने से उसकी मौत हो गई।
जब काफी देर तक लाभांश घर नहीं लौटा, तो पिता कुलदीप चंदनखेड़े और पड़ोसियों ने उसकी खोजबीन शुरू की। तलाश के दौरान लाभांश उसी गड्ढे में मिला। उसे तुरंत गड्ढे से निकालकर स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे नागपुर भेजा। दुर्भाग्यवश, नागपुर के निजी अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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पुलिसिया कार्रवाई और उठते सवाल
इस लापरवाही ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। मासूम की जान जाने से गुस्साए हुए परिवार ने सीधे तौर पर कोंढाली के प्रभाग क्र. 17 के नगरसेवक और संबंधित प्लॉट मालिक को इस मौत का जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस में दर्ज शिकायत में कहा गया है कि आवासीय क्षेत्र में बिना किसी सुरक्षा के इतना गहरा गड्डा क्यों छोड़ा गया गड्ढे को ढकने के लिए सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया? प्रशासन ने निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई क्यों नहीं की फिलहाल, पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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मासूम के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। गांव में पसरे मातम के बीच अब दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यति समय रहते प्रशासन ने इन खुले गड्ढों पर संज्ञान लिया होता, तो आज एक घर का चिराग नहीं बुझता।
