नागपुर: कोंढाली में दो बाल विवाह पर एक्शन, शोषण के आरोपी के मंसूबे नाकाम, प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

Nagpur Child Marriage Stopped: नागपुर में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, नाबालिग से शोषण के आरोपी की साजिश नाकाम। एक ही परिवार में दो बाल विवाह रोके गए, टीम ने समय रहते हस्तक्षेप किया।
Nagpur: Action Taken Against Two Child Marriages in Kondhali; Plans of Accused Exploiter Thwarted—Major Administrative Crackdown
नागपुर बाल विवाह रोकथाम, (प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स: सोशल मीडिया)
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Kondhali Police Action: नागपुर जिले के कोंढाली थाना अंतर्गत प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए न केवल एक नाबालिग लड़की का यौन शोषण करने वाले आरोपी के मंसूबों को नाकाम किया, बल्कि एक ही परिवार में होने वाले दो बाल विवाहों को रोकने में सफलता हासिल की है।

यह सनसनीखेज मामला तब सामने आया जब 19 वर्षीय एक युवक, जिसने पहले एक नाबालिग को शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण किया था, अब उसे छोड़कर दूसरी नाबालिग लड़की से निकाह करने की तैयारी कर रहा था। इस संबंध में जिला बाल संरक्षण इकाई को गोपनीय शिकायत प्राप्त हुई थी कि 22 अप्रैल 2026 को वर्धा में यह बाल विवाह संपन्न होने वाला है।

शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुनील मेसरे के मार्गदर्शन में एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। इस टीम में जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन (1098), बाल विकास परियोजना अधिकारी, जिला परिषद शिक्षा विभाग और पुलिस के जवान शामिल थे।

जब इस दल ने आरोपी युवक के घर पर छापा मारा, तो युवक वहां मौजूद नहीं था। हालांकि, जांच के दौरान प्रशासन के हाथ एक और चौंकाने वाली जानकारी लगी। पता चला कि आरोपी युवक की अपनी 17 वर्षीय बहन की भी सगाई हो चुकी है और परिवार उसका भी बाल विवाह कराने की तैयारी में था।

पीड़ित लड़की को सुरक्षा प्रदान

इस कार्रवाई के माध्यम से प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बाल विवाह और नाबालिगों का शोषण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, पीड़ति लड़की को सुरक्षा प्रदान करते हुए उसके पुनर्वास की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।

इस सफल ऑपरेशन में जिला बाल संरक्षण अधिकारी मुश्ताक पठान, शिक्षा विभाग के प्रसेनजीत गायकवाड़, बाल विकास परियोजना अधिकारी (काटोल) भारती बोबड़े और संरक्षण अधिकारी चेतन रोंगरे ने मुख्य भूमिका निभाई, साथ ही चाइल्ड हेल्पलाइन के प्रतिनिधि अनिकेत भिवगडे, मंगला टेंभुर्णे, कोदाली पुलिस के हेड कांस्टेबल ठोंबरे, काटोल पुलिस के भूषण पलेरिया, सरपंच सविता संजय कोल्हे, पुलिस पाटिल राजेंद्र बराले और आगनवाड़ी सेविका घोतरकर सहित ग्रामीण समस्या मुक्ति ट्रस्ट के प्रतिनिधियों का भी विशेष सहयोग रहा।

प्रशासनिक टीम की तत्परता

प्रशासनिक टीम ने तत्परता दिखाते हुए बाल विवाह प्रतिबंधक कानून के तहत दोनों विवाहों को रुकवा दिया, जिस नाथालिंग लड़की का शोषण हुआ था। उसका बयान दर्ज कर आरोपी युवक के खिलाफ कोदाली पुलिस स्टेशन में कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।