

Nagpur Heatstroke Deaths: महाराष्ट्र के नागपुर में सूरज की तपिश अब जानलेवा साबित होने लगी है। शहर में पारा इस कदर चढ़ गया है कि पंखे और कूलर भी फेल नजर आ रहे हैं। इस झुलसा देने वाली गर्मी के बीच सबसे बुरा हाल उन लोगों का है जिनके सिर पर छत नहीं है। पिछले 10 दिनों के भीतर नागपुर के दो बड़े सरकारी अस्पतालों मेडिकल (GMCH) और मेयो (IGGMCH) में कुल 13 लोगों की मौत दर्ज की गई है।
गर्मी का असर केवल मौतों तक सीमित नहीं है, बल्कि अस्पतालों के ओपीडी में हीट स्ट्रोक के लक्षणों वाले मरीजों की संख्या में भारी उछाल आया है। जानकारी के अनुसार, मेडिकल अस्पताल में 8 और मेयो अस्पताल में 5 अज्ञात लोगों की मौत हुई है। ये सभी मृतक 30 से 50 वर्ष की आयु के बताए जा रहे हैं।
हैरानी की बात यह है कि अस्पताल प्रशासन ने अभी तक इन मौतों का सीधा कारण 'लू' को नहीं माना है। अधिकारियों का कहना है कि कई मृतक शराब के नशे में पाए गए थे। कुछ लोग पहले से ही गंभीर बीमारियों से ग्रसित थे। डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) की वजह से शरीर के अंगों का काम बंद करना भी एक बड़ा कारण हो सकता है। फिलहाल, इन सभी मामलों को 'संदिग्ध मौतों' की श्रेणी में रखा गया है। विसरा रिपोर्ट और पोस्टमॉर्टम की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि क्या यह 'हीट वेव' का शिकार हुए हैं।
पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से इन शवों को अस्पताल पहुंचाया गया था। चूंकि ये सभी फुटपाथ या खुले मैदानों में लावारिस हालत में मिले थे, इसलिए इनकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि भीषण गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी होने से ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट फेलियर की संभावना बढ़ जाती है, जो इन मौतों की वजह हो सकती है।
बता दें कि मौसम विभाग ने सोमवार को नागपुर शहर का अधिकतम तापमान 45.0 डिग्री दर्ज किया जो औसत से 2.5 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान भी 27.2 डिग्री दर्ज किया गया जो औसत से 1.4 डिग्री अधिक रहा। हालांकि दिनभर तपाने वाली गर्मी के बाद शाम को आसमान में बादल छाए, बूंदाबांदी भी हुई, लेकिन गर्मी से राहत नहीं मिली।