गोंडखैरी परीक्षा केंद्र (सौजन्य-नवभारत)
JEE-NEET Nagpur Exam Centre: नागपुर शहर में रविवार को एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। वर्षभर तैयारी के बाद छात्र जेईई-नीट की परीक्षा देने पहुंचे। परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के बाद छात्रों को एग्जाम देने की अनुमति नहीं मिली। छात्रों ने बताया कि केवल 1-2 मिनट की देरी होने के कारण एग्जाम सेंटर के अधिकारियों ने परीक्षा में बैठने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
इस कारण कुछ छात्रों का पेपर छूट गया और उनकी वर्षभर की मेहनत बर्बाद हो गई। यह मामला गोंडखैरी से उजागर हुआ है। छात्रों ने बताया कि रविवार को जेईई-नीट की परीक्षा थी। उन्हें गोंडखैरी स्थित जिंदल एडुटेक प्राइवेट लिमिटेड एग्जाम सेंटर मिला था। परीक्षा सुबह 8.30 बजे की थी। हालांकि कई छात्र समय पर घर से निकले लेकिन सुबह बारिश और ट्रैफिक के कारण परीक्षा केंद्र पर पहुंचने में केवल 1 से 2 मिनट की देरी हो गई।
चंद मिनटों की देरी के बावजूद एग्जाम सेंटर के अधिकारियों ने छात्रों को परीक्षा नहीं देने दी। इस कारण कई छात्र और उनके अभिभावक परीक्षा केंद्र के बाहर ही खड़े रहे। हालांकि उन्हें उम्मीद थी कि परीक्षा की अनुमति मिल जाएगी लेकिन परीक्षा अधिकारियों ने उन्हें साफ इनकार कर दिया।
बोर्ड परीक्षा की तरह जेईई-नीट की परीक्षा (JEE-NEET) के लिए छात्रों को एग्जाम सेंटर आवंटित किए जाते हैं। बता दें कि शहर के कई छात्रों को गोंडखैरी में जिंदल एडुटेक प्राइवेट लिमिटेड एग्जाम सेंटर आवंटित किया गया था। इस सेंटर में परीक्षा देने के लिए आने वाले कुछ छात्र मनीषनगर, वर्धमाननगर और अन्य शहरी क्षेत्रों से पहुंचे।
सुबह 8. 30 बजे की परीक्षा के लिए कई छात्रों को लगभग 30 किमी या उससे अधिक का फासला तय करना पड़ा। इस कारण एग्जाम सेंटर पर पहुंचने में चंद मिनटों की देरी हो गई। ऐसे में परीक्षा की अनुमति नहीं मिलने से कई छात्र निराश हो गए।
जेईई-नीट (JEE-NEET) की परीक्षा देने गोंडखैरी के जिंदल एडुटेक सेंटर पहुंचने वाले छात्रों में मनीषनगर निवासी प्रिंस बागेश्वर का भी समावेश है। प्रिंस ने बताया कि वह सुबह 7 बजे घर से निकले थे। सुबह करीब 7.30 बजे अचानक बारिश शुरू हो गई।
यह भी पढ़ें – अथर्व हत्याकांड: 72 घंटे, 100 CCTV और 12 टीमें…फिर भी पुलिस के हाथ खाली; अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
दोपहिया होने के कारण उन्हें बारिश से बचने के लिए आसरा लेना पड़ा। बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही थी। इस कारण उन्होंने कैब बुक करने का प्रयास किया लेकिन कैब नहीं मिली। जैसे-तैसे वे एग्जाम सेंटर पहुंचे। केवल 1 मिनट की देरी से पहुंचने के कारण उन्हें परीक्षा देने नहीं मिला।
परीक्षा केंद्र पर छात्रों समेत पहुंचे उनके अभिभावकों बताया कि अधिकारियों और कर्मचारियों से परीक्षा देने की अनुमति के लिए काफी अपील की लेकिन केंद्र के कर्मचारियों ने अनदेखा कर दिया। कर्मचारियों ने मेन गेट बंद कर दिया। अभिभावकों का कहना है कि चंद मिनटों की देरी के लिए बच्चों का साल बर्बाद करना उचित नहीं है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से ‘री एग्जाम’ की मांग की है।