नागपुर में कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन विवाद, मनपा ठेकेदारों ने खोला मोर्चा; कानूनी पेच बढ़ने के आसार
Nagpur Municipal Corporation: नागपुर मनपा के पंजीकृत ठेकेदारों ने कॉन्ट्रैक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन की कार्यकारिणी पर कार्यकाल खत्म होने के बावजूद नीतिगत मामलों में दखल देने का आरोप लगाया है।
- Written By: अंकिता पटेल
कार्यकारिणी विवाद, नागपुर मनपा,(सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)
Nagpur Municipal Contractors Association: नागपुर महानगरपालिका के पंजीकृत ठेकेदारों ने नागपुर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन कॉन्ट्रैक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन की वर्तमान कार्यकारिणी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ठेकेदारों का आरोप है कि कार्यकारिणी का कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद पदाधिकारी अवैध रूप से मनपा के नीतिगत निर्णयों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में हिस्सा ले रहे हैं। इस संदर्भमें मंगलवार को मनपा ठेकेदारों की ओर से महापौर नीता ठाकरे को पत्र भी सौंपा गया।
चर्चा के दौरान ठेकेदारों ने चेतावनी दी है कि यदि इस केयरटेकर बॉडी को नीतिगत चर्चाओं में शामिल किया जाता है तो इससे भविष्य में कानूनी विवाद और पेचीदगियां उत्पन्न हो सकती हैं। कार्यकाल 2020 में ही हो चुका है समाप्त ठेकेदारों की ओर से स्पष्ट किया गया है कि एसोसिएशन की वर्तमान कार्यकारिणी का कार्यकाल 10 अगस्त 2020 को ही समाप्त हो चुका है।
नियमानुसार इसके बाद चुनाव होने चाहिए थे जो आज तक नहीं हुए हैं। कार्यकाल खत्म होने के बाद वर्तमान समिति केवल एक ‘केयरटेकर बॉडी’ या ‘एडहॉक बॉडी’ के रूप में ही अस्तित्व में है जिसे केवल संस्था के दैनिक कामकाज देखने का अधिकार है। आरोप है कि पदाधिकारी खुद को अधिकृत कार्यकारिणी बताकर मनपा को विभिन्न प्रशासनिक और नीतिगत प्रक्रियाओं में शामिल हो रहे हैं।
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हाई कोर्ट के फैसले का दिया गया हवाला
ठेकेदारों ने अपने निवेदन में बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर खंडपीठ द्वारा ‘संदीप राम मेथे बनाम पुंडलिकराव बालाजी गोहाड’ मामले में दिए गए फैसले का प्रमुखता से उल्लेख किया है। उच्च न्यायालय के इस फैसले के अनुसार, कार्यकाल समाप्त होने के बाद केयरटेकर बॉडी को कोई भी नीतिगत निर्णय लेने का कानूनी अधिकार नहीं होता है।
चुनाव कराए विना सत्ता पर काबिज रहना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। इस संबंध में मनपा के पंजीकृत ठेकेदार शेख रमजान शेख मेहबूब और विनोद फकीराजी दंडारे की ओर से एक विस्तृत निवेदन सौंपा गया है। यह शिकायत मनपा की महापौर नीता ठाकरे, आयुक्त डॉ। विपिन इटनकर, निगम सचिव रंजना लाडे, स्थायी समिति सभापति शिवानी दाणी वखरे, सत्तापक्ष नेता बाल्या बोरकर और विपक्ष के नेता संजय महाकालकर को दी गई है।
महानगर पालिका प्रशासन से की गई प्रमुख मांगें
प्रशासनिक रोक केयरटेकर बॉडी को किसी भी प्रकार के नीतिगत निर्णय, टेड पॉलिसी,सनिक सम्मेलनों और सलाहकार समिति की बैठक में शामिल न किया जाए।
विभागाध्यक्षों को निर्देश मनपा के सभी विभागाध्यक्षों को सख्त निर्देश दिए जाए कि वे इस केयरटेकर बॉडी से प्राप्त किसी भी नीतिगत प्रस्तासिकारिशनिधित्व को स्वीकार न करें। दैनिक कार्यों तक सीमित जब तक चुनाव प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती तब तक सस्था की केवल नियमित दैनिक कामकाज तक ही सीमित रखा जाए।
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कानूनी वैधता केयरटेकर बॉडी द्वारा प्रस्तुत किए जाने वले किसी भी आधिकारिक पत्राचार या निर्णय पर प्रशासनिक कार्यवाही न की जाए क्योंकि इसका कोई कानूनी आधार नहीं है।
