नागपुर में अवैध होर्डिंग्स पर सख्ती: मनपा का हाईकोर्ट में हलफनामा, 10 जोन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस

Nagpur Illegal Hoardings: नागपुर में अवैध होर्डिंग्स पर मनपा का सख्त रुख। हाई कोर्ट अवमानना मामले में कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल, 10 जोन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी।
Crackdown on Illegal Hoardings in Nagpur: Municipal Corporation Files Affidavit in High Court; Show-Cause Notices Issued to 10 Zone Officers
नागपुर अवैध होर्डिंग्स,(सोर्स: सौजन्य AI)
Published on
Updated on

Nagpur Municipal Corporation Action: नागपुर शहर की सुंदरता को बिगाड़ने वाले अवैध होर्डिंग्स, बैनर और पोस्टर्स के खिलाफ महानगरपालिका ने कड़ा रुख अपनाया है। हाई कोर्ट में चल रही अवमानना याचिका के संबंध में मनपा आयुक्त डॉ। विपिन इटनकर ने विस्तृत हलफनामा दायर कर शहर में की गई कार्रवाई का ब्योरा दिया।

अवैध विज्ञापनों पर नकेल कसने में लापरवाही बरतने पर मनपा ने अपने ही 10 जोन के सहायक आयुक्तों को 'कारण बताओ' नोटिस जारी कर दिया है। उल्लेखनीय है कि अवैध होर्डिंग्स को लेकर हाई कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं किए जाने के कारण दिनेश नायडू की ओर से अवमानना याचिका दायर की गई। याचिकाकर्ता की अधि। तुषार मंडलेकर ने पैरवी की।

नाम, पता-ठिकाना ढूंढ रही मनपा

मनपा आयुक्त द्वारा अदालत को दी गई जानकारी के अनुसार, 12 दिसंबर 2025 के बाद शहर में अवैध बैनर और होर्डिंग लगाने वाले 131 लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए है। हालांकि प्रशासन के सामने एक बड़ी समस्या यह है कि 807 अवैध होर्डिंग्स लगाने वालों का नाम और पता-ठिकाना मनपा के जोनल कार्यालयों को तमाम कोशिशों के बावजूद नहीं मिल पाया है जिसके कारण उन्हें नोटिस तामील नहीं किए जा सके,

रात के अंधेरे में लगते हैं अवैध होर्डिंग, पुलिस से मदद की गुहार

हलफनामे में इस बात पर जोर दिया गया है कि आमतौर पर शहर में अवैध बैनर और होर्डिंग्स रात के अंधेरे में लगाए जाते है, इसलिए मनपा ने पुलिस विभाग से अपील की है कि उनकी गश्ती इकाइया रात में ऐसे कृत्य करने वालों पर सीधे नजर रखें और उन पर तुरंत एफआईआर दर्ज करें। नागपुर मनपा ने अदालत से यह भी कहा है कि जिन 807 लोगों के पते नहीं मिल पाए है। पुलिस उनकी पहचान करने और उन्हें ट्रेस करने में मदद करे, ताकि उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकें।

अधिकारियों पर गिरी गाज, 3 दिन का अल्टीमेटम

कोर्ट के आदेशों की अवमानना और अपनी वैधानिक ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में मनपा के उपायुक्त मिलिद मेश्राम ने 12 मार्च 2026 को जोन-1 से लेकर जोन-10 तक के सभी वार्ड अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस थमा दिए है।

इन नोटिसों में स्पष्ट रूप से अधिकारियों को फटकार लगाई गई है कि वे सार्वजनिक संपत्ति विदूपीकरण अधिनियम 1995 के तहत FIR दर्ज करने, होर्डिंग हटाने का खर्च और जुर्माना वसूलने में विफल रहे है।

साथ ही, दैनिक रूप से WhatsApp' के माध्यम से मिलने वाली शिकायतों पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। सभी अधिकारियों को 3 दिन के भीतर जवाब पेश करने का आदेश दिया गया है, अन्यथा उन्हें हाई कोर्ट की अवमानना का जिम्मेदार मानकर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

जुर्माना बढ़ाने की तैयारी व नई तकनीक का इस्तेमाल

वर्तमान में 20 फरवरी 2018 के एक प्रस्ताव के अनुसार अवैध होर्डिंग लगाने वालों पर मात्र 500 रु। का जुर्माना है। मनपा आयुक्त ने हलफनामे में स्वीकार किया है कि यह राशि बहुत ही मामूली है।

इस समस्या पर प्रभावी ढंग से लगाम लगाने के लिए मनपा इस जुर्माने की राशि को बढ़ाने का प्रस्ताव जल्द ही सदन में पेश करेगी, इसके अलावा, अवैध विज्ञापनों पर त्वरित कार्रवाई करने के लिए मनथा शहर में कैमरा-माउंटेड वाहनों को गश्त पर तैनात करने की योजना बना रही है। फिलहाल जोनल स्तर के साथ-साथ एक केंद्रीय 'पलाडग स्ववाह' भी शहर भर में अवैध होर्डिंग्स ढूंढने का काम कर रहा है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com