सुखोई क्रैश में नागपुर के फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरगकर शहीद, पिता बोले- काम के लिए समर्पित था बेटा
Su-30 MKI Crash Assam: असम सुखोई हादसे में नागपुर के लाल फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरगकर शहीद। बचपन से था पायलट बनने का सपना। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़। पिता और पड़ोसियों ने साझा कीं यादें।
- Written By: प्रिया जैस
फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरगकर और उनके पिता (सौजन्य-एक्स)
Flight Lieutenant Purvesh Duragkar: असम में भारतीय वायुसेना का एक सुखोई-30MKI फाइटर जेट गुरुवार रात क्रैश हो गया, इस हादसे में दो पायलट शहीद हो गए। भारतीय वायुसेना ने पुष्टि कर बताया कि इस हादसे में स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरगकर ने अपनी जान गंवा दी। फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरगकर नागपुर के निवासी थे। हादसे की खबर मिलते ही पूरे परिसर और शहर में शोक का माहौल पसर गया।
सुखोई फाइटर जेट क्रैश में जान गंवाने वाले शहीद पुरवेश दुरगकर के परिवार और पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उनके पिता, रवींद्र दुरगकर ने कहा, “उन्होंने पहले ऑपरेशन सिंदूर में हिस्सा लिया था। वह देश के लिए बहुत समर्पित थे। वह अक्सर चल रहे डेवलपमेंट और इवेंट्स के बारे में बात करते थे। उनमें अपने काम के लिए बहुत समर्पण और प्यार था।”
#WATCH | Flight Lieutenant Purvesh Duragkar has lost his life in an IAF SU-30 MKI crash in Assam In Nagpur, his father, Ravindra Duragkar, says,” He was committed to the country. Due to runway-related work in Tezpur, he was posted in Jorhat. He used to share about his work. He… pic.twitter.com/YkVVUF7C5z — ANI (@ANI) March 6, 2026
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पोस्टिंग की दी जानकारी
फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरगकर की असम में IAF SU-30 MKI क्रैश में मौत हो गई। उनके पिता ने दुर्गेश की पोस्टिंग के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि, “वह देश के लिए समर्पित थे। तेजपुर में रनवे से जुड़े काम की वजह से, उन्हें जोरहाट में पोस्ट किया गया था। वह अपने काम के बारे में शेयर करते थे। वह हमेशा कोशिश करते थे कि कोई गलती न हो। उनके ग्रुप कैप्टन ने हमें ऑफिशियली बताया है कि वह (उनका बेटा) अब नहीं रहे।”
बचपन से सपना था पायलट बनना
बेटे की मौत की खबर से परिवार और मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई। उनके पड़ोसी गजानन सांबारे ने बताया, “मैं उसे बचपन से जानता हूं। वह मेरे बेटे का क्लासमेट था। दोनों ने साउथ पॉइंट स्कूल में पढ़ाई की। शुरू से ही, जहां कुछ बच्चे डॉक्टर या इंजीनियर बनना चाहते थे, वहीं उसका मकसद हमेशा पायलट बनना था।”
Nagpur, Maharashtra: His neighbour, Gajanan Sambare, says, “I have known him since childhood. He was a classmate of my son. Both of them studied at South Point School. From the beginning, while some children wanted to become doctors or engineers, his aim was always to become a… pic.twitter.com/dQWIRYwyym — IANS (@ians_india) March 6, 2026
विमान की होनी चाहिए जांच
उन्होंने कहा, “हमें हमारे पायलट पर पूरा भरोसा है कि उसकी गलती नहीं हो सकती। इस घटना से पूरा परिवार टूट चुका है। उसे अनुभव था और अनुशासनप्रिय था। फ्लाइट चलाने का काफी अनुभव था। हम सरकार से निवेदन करते है कि वे इस फ्लाइट की जांच करें, क्या वाकई फ्लाइट उड़ाने के लायक था या क्या उसमें कोई तकनीकी खामिया थी। इस मामले की सरकार जांच करें।”
यह भी पढ़ें – सुखोई-30 क्रैश में स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद, IAF ने दिया अपडेट
आपको बता दें, कि सुखोई विमान एक नियमित ट्रेनिंग मिशन पर था और जोरहाट से उड़ान भरने के बाद असम के कार्बी आंगलोंग क्षेत्र में लापता हो गया था। कुछ घंटों बाद सुखोई के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर सामने आई और सर्च ऑपरेशन चलाया गया था। इस दौरान शुक्रवार की सुबह दुर्घटना में दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि की गई। वायुसेना ने इस घटना की पूरी जांच के आदेश दे दिए हैं।
