हाई कोर्ट (फाइल फोटो)
Civil Lines Nagpur Lawns: नागपुर सिटी के सिविल लाइंस में संचालित हो रहे लॉन्स पर लगातार हाई कोर्ट का शिकंजा कसता जा रहा है। आलम यह है कि अब यह दायरा केवल सिविल लाइंस नहीं बल्कि पूरे विदर्भ तक फैलने की संभावना है। गुरुवार को सुनवाई के दौरान न्यायाधीश अनिल पानसरे और न्यायाधीश निवेदिता मेहता ने जहां अवैध लॉन्स पर नियमों का कड़ा बोझ डाल दिया वहीं अब लॉन्स में होने वाले आयोजन में पार्किंग की व्यवस्था पर भी कड़े आदेश जारी किए।
जारी किए गए आदेशों के अनुसार लॉन मालिक को लिखित में अंडरटेकिंग देनी होगी कि आयोजन की पूरी पार्किंग परिसर के अंदर ही होगी और एक भी व्यक्ति या वाहन बाहर नहीं होगा। अदालत ने नागपुर (Nagpur) शहर में बिना उचित अनुमति के चल रहे मैरिज लॉन और हॉलों को लेकर महानगरपालिका और पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे ध्वनि प्रदूषण और अवैध रूप से चल रहे विवाह समारोहों पर कड़ी नजर रखें।
सुनवाई के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि सिविल लाइंस इलाके में संचालित किसी भी मैरिज लॉन के पास विवाह समारोह या ऐसे अन्य आयोजनों को करने की वैध अनुमति नहीं है। अदालत ने बिना अनुमति वाले स्ट्रक्चर को गिराने और लॉन मालिकों को नोटिस जारी करने का सख्त निर्देश दिया है। मनपा आयुक्त को इस मामले में आदेश पारित करने और आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।
अदालत ने एक अन्य मामले में पुलिस के जांच अधिकारियों को भी उनके रवैये के लिए आड़े हाथों लिया। जब पुलिस ने कहा कि उन्हें समारोहों को लेकर कोई शिकायत नहीं मिली है तो अदालत ने सवाल किया कि क्या उन्होंने सीसीटीवी फुटेज की जांच की या अन्य निवासियों के बयान दर्ज करने का प्रयास किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि अधिकारी केवल पोस्टमैन की तरह काम नहीं कर सकते और उन्हें सक्रिय रूप से जांच करनी चाहिए।
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अब से किसी भी मैरिज लॉन को अनुमति तभी दी जाएगी जब वे कुछ कड़ी शर्तों का पालन करेंगे।