Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

Nagpur Ebola Virus Treatment Center: 9 साल बाद भी नहीं बना ‘इबोला सेंटर’, बढ़ते खतरे से खुल रही सिस्टम की पोल

Ebola Treatment Center: 2017 में मंजूरी मिलने के बावजूद नागपुर में इबोला सेंटर आज तक शुरू नहीं हो सका। बढ़ते वैश्विक संक्रमण खतरे के बीच स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

  • Written By: आलोक उमाकृष्ण
Updated On: May 29, 2026 | 06:24 PM

इबोल वायरस (सोर्सः सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

Nagpur Ebola Centre Project: ‘इबोला, मर्स और जिका’ जैसे खतरनाक वायरस से निपटने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने वर्ष 2017 में नागपुर के शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय एवं अस्पताल में विशेष उपचार केंद्र शुरू करने की मंजूरी दी थी, लेकिन नौ साल बाद भी यह परियोजना जमीन पर नहीं उतर सकी। अब जब दुनिया में फिर से खतरनाक संक्रामक बीमारियों को लेकर चिंता बढ़ रही है, तब इस अधूरी योजना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की तैयारियों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या इबोला सेंटर पर सुस्ती भारी!

वर्ष 2014-15 में अफ्रीकी देशों में फैली इबोला महामारी ने हजारों लोगों की जान ले ली थी। उस समय बीमारी की गंभीरता को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वैश्विक अलर्ट जारी किया था। संक्रमण के खतरे को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और नागपुर समेत कई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू करवाई थी।

इसी दौरान मध्य भारत में दुर्लभ संक्रामक रोगों के इलाज के लिए नागपुर मेडिकल में विशेष इबोला सेंटर बनाने का प्रस्ताव तैयार हुआ। तत्कालीन स्वास्थ्य अधिकारियों ने निरीक्षण कर परियोजना को मंजूरी भी दी और केंद्र सरकार की ओर से फंडिंग की तैयारी शुरू हुई थी।

सम्बंधित ख़बरें

‘हम मराठी को किराए पर घर नहीं देते’, भायंदर की घटना पर भड़के प्रताप सरनाईक, बोले-शिवसेना की भाषा में देंगे जवाब

पुलिस सुनती तो जिंदा होता अक्षय…, पुणे जहरीली शराब कांड में फूटा पीड़ित परिवारों का गुस्सा, मिलीभगत के आरोप

पुणे में जहरीली शराब से 18 लोगों की मौत; अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार; CM फडणवीस बोले- यह हादसा नहीं, हत्या है

आखिर क्यों आनंद परांजपे को म्हाडा में पद देने के खिलाफ हैं सुनेत्रा पवार? परांजपे ने इस पर क्या कहा?

यह भी पढ़ें:- मुंबई के राजावाड़ी अस्पताल के बाथरूम में फर्श पर तड़पता मिला नवजात, जांच में जुटी पुलिस

भविष्य मे गंभीर समस्या बन सकते हैं ये वायरस

देश में इबोला वायरस का कोई बड़ा मामला सामने नहीं आने के कारण यह योजना धीरे-धीरे फाइलों में दबकर रह गई। वर्तमान में स्थिति यह है कि यदि भविष्य में इबोला, मर्स या जिका जैसी बीमारी का प्रकोप बढ़ता है, तो सरकारी अस्पतालों में विशेष उपचार सुविधा उपलब्ध नहीं है। वहीं निजी अस्पताल भी ऐसे मरीजों को भर्ती करने से बचते हैं। फिलहाल नागपुर मेडिकल में संदिग्ध मरीजों के लिए अस्थायी वार्ड तैयार रखा गया है, परंतु विशेषज्ञ इसे नाकाफी मान रहे हैं।

पूर्व राज्य महासचिव प्रमोद रक्षमवार ने कहा है कि ‘भविष्य की स्वास्थ्य चुनौतियों को देखते हुए विशेष उपचार केंद्र की जरूरत आज भी उतनी ही महत्वपूर्ण है और सरकार को इस लंबित परियोजना को जल्द शुरू करना चाहिए।’

Nagpur ebola virus treatment center project pending since 2017

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: May 29, 2026 | 06:22 PM

Topics:  

  • AIIMS Nagpur
  • Health Ministry
  • Maharashtra News
  • Nagpur News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.