नागपुर को मिली वैश्विक पहचान, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में छाया मेट्रो का डबल डेकर ओवरब्रिज
Guinness Book of World Records: नागपुर की मेट्रो को अब वैश्विक स्तर पर पहचान मिल चुकी है। नागपुर का मेट्रो का डबल डेकर ओवरब्रिज गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करा चुका है।
- Written By: प्रिया जैस
मेट्रो के डबल डेकर ओवरब्रिज का गिनीज रिकॉर्ड (सौजन्य-नवभारत)
Nagpur Metro Double Decker Overbridge: नागपुर में ‘महा मेट्रो द्वारा बहुत ही कम समय में वैश्विक दर्जे की मूलभूत सुविधा के विकास कार्य के चलते नागपुर शहर को दुनिया में पहचान मिली है। कामठी रोड के सबसे लंबे डबल डेकर पुल का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया है। इससे नागपुर को एक नया रूप मिला है।’ यह कहना है मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस का।
रामगिरी में उनकी उपस्थिति में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के भारत के प्रतिनिधि स्वप्निल डोंगरीकर ने महा मेट्रो के व्यवस्थापकीय संचालक श्रावण हार्डीकर को गिनीज बुक का प्रमाणपत्र प्रदान किया। हार्डीकर ने बताया कि यह डबल डेकर विश्व का सबसे लंबा वायाडक्ट पुल है जो सभी देशों के लिए आकर्षण का केन्द्र है।
इस अवसर पर महा मेट्रो के संचालक अनिल कुमार कोकाटे, प्रकल्प संचालक राजीव त्यागी, कार्यकारी संचालक नरेश गुरबानी, महाव्यवस्थापक यतीन राठौड़, मुख्य प्रकल्प व्यवस्थापक एनवीपी विद्यासागर, प्रकल्प संचालक प्रकाश मुदलियार व गिनीज के प्रतिनिधित भी उपस्थित थे।
सम्बंधित ख़बरें
परिवार ने दर्ज कराई लड़की लापता होने की रिपोर्ट, पुलिस ने कहा- हमारी गाड़ियों में डिजल नहीं, हम नहीं ढूंढ सकते
नागपुर हाई कोर्ट का मनपा को बड़ा झटका, फीस विवाद पर मनपा को राहत नहीं; मध्यस्थ बदलने की मांग खारिज
नागपुर में अवैध रेत कारोबार पर शिकंजा, पुलिस-राजस्व विभाग अलर्ट; बावनकुले ने दिए कड़े कार्रवाई के आदेश
नागपुर में RSS मुख्यालय के पास ताबड़तोड़ फायरिंग, CCTV में कैद हुई वारदात; इलाके में मचा हड़कंप
सिंगल कॉलम पिलर पर 5.637 किमी
कामठी रोड स्थित यह डबल डेकर वायाडक्ट ब्रिज की लंबाई 5.637 किमी है जो सिंगल कॉलम पिलर पर खड़ा किया गया है। यह वास्तुकला का अनोखा उदाहरण है। इसी के चलते गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में इसे शामिल किया गया। डबल डेकर पुल निर्माण के साथ ही कामठी रोड में रेलवे, नेशनल हाईवे और मेट्रो आवागमन की सुविधा साकार की गई है जो दुनिया में पहला है। पुल निर्माण में 1,650 टन स्टील का उपयोग हुआ है। बताते चलें कि इसके पूर्व छत्रपतिनगर स्थित 3.2 किमी लंबे डबल डक्ट ओवरब्रिज को भी वैश्विक पहचान मिली थी।
यह भी पढ़ें – नए-पुराने के खेल में गडकरी का ड्रीम प्रोजेक्ट होगा फेल! किराना बाजार में चल रही ‘भिड़ंत’
5 मेट्रो स्टेशन
उच्च तकनीक का उपयोग कर इस ओवरब्रिज पर गड्डीगोदाम, कड़बी चौक, इंदौरा चौक, नारी रोड, ऑटोमोटिव चौक ऐसे 5 मेट्रो स्टेशन निर्मित किए गए हैं। यह फोरलेन है। नीचे हाईवे है, दूसरे स्तर पर मेट्रो लाइन है। इस ओवरब्रिज के निर्माण से कामठी रोड की ट्रैफिक समस्या से नागरिकों को राहत मिली है। इसके पूर्व छत्रपति चौक स्थित ओवरब्रिज को भी गिनीज ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया है।
