

Bangalore Metro Yellow Line: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वक्त कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु का दौरा कर रहे हैं। यहां उन्होंने केएसआर रेलवे स्टेशन पर तीन वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, और अब बेंगलुरु मेट्रो की येलो लाइन का शुभारंभ करेंगे।
इन ट्रेनों में बेंगलुरु से बेलगावी, अमृतसर से श्री माता वैष्णो देवी कटरा, और नागपुर (अजनी) से पुणे तक की ट्रेनें शामिल हैं। बेंगलुरु पहुंचते ही प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत किया गया। उनकी एक झलक पाने के लिए सड़क किनारे बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बेंगलुरु की नम्मा मेट्रो की येलो लाइन का उद्घाटन करेंगे। यह लाइन अपने निर्धारित समय 15 अगस्त से पहले ही शुरू हो जाएगी। आरवी रोड से बोम्मासंद्रा तक 19.15 KM लंबी येलो लाइन बनने से शहर के लोगों की यात्रा अब बहुत अधिक सुविधाजनक और सरल हो जाएगी।
येलो लाइन में कुल 16 स्टेशन हैं। इनमें आरवी रोड, रागी गुड्डा, जयदेव अस्पताल, बीटीएम लेआउट, सेंट्रल सिल्क बोर्ड, बोम्मना हल्ली, होंगरा सैंड्रा, कुडलू गेट, सिंगा सैंड्रा, होसा रोड, बेरेटेना अग्रहारा, इलेक्ट्रॉनिक सिटी, हेब्बा गोदी और बोम्मासंद्रा, इंफोसिस फाउंडेशन कोनप्पना अग्रहार, हुस्कुर रोड, स्टेशन शामिल हैं।
बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMRCL) के अनुसार, मेट्रो ट्रेनें रोजाना सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक सेवा प्रदान करेंगी। शुरुआत में, हर 25 मिनट पर तीन बिना ड्राइवर वाली ट्रेनें चलेंगी। यात्रा का किराया 10 रुपये से शुरू होकर अधिकतम 90 रुपये तक रहेगा।
बेंगलुरु की येलो मेट्रो लाइन शहर के दक्षिणी हिस्से से यात्रा करने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आई है। यह लाइन सिल्क बोर्ड जंक्शन से होकर गुजरती है, जो शहर का सबसे व्यस्त ट्रैफिक पॉइंट है। पिंक लाइन के शुरू होने के बाद, जयदेवा अस्पताल स्टेशन येलो लाइन का इंटरचेंज पॉइंट बनेगा। वहीं, ब्लू लाइन के खुलने पर सेंट्रल सिल्क बोर्ड स्टेशन इंटरचेंज के रूप में काम करेगा। ब्लू मेट्रो लाइन सेंट्रल सिल्क बोर्ड से शुरू होकर बेंगलुरु के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक जाएगी।
Yellow लाइन परियोजना पर कुल 5,057 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। PM मोदी अपनी यात्रा के दौरान नम्मा मेट्रो के तीसरे चरण की भी आधारशिला रखेंगे, जो बेंगलुरु के मेट्रो नेटवर्क के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस परियोजना को हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी मिली है, जो सरकार की शहरी बुनियादी ढांचे को समय पर पूरा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।