मंत्री के बाद अब डायरेक्टर का ‘एक्शन’: सोमवारीपेठ ESIC बीमा अस्पताल में आधी रात के निरीक्षण के बाद मची खलबली!
ESIC Hospital Nagpur: स्वास्थ्य मंत्री के बाद अब निदेशक अशोक थोरात पहुंचे सोमवारीपेठ बीमा अस्पताल। ओपीडी, ओटी और किचन का किया बारीकी से निरीक्षण। जानें क्या रहे नतीजे।
- Written By: प्रिया जैस
स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Insurance Hospital Nagpur: सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर द्वारा 2 दिन पहले सोमवारीपेठ स्थित राज्य कामगार बीमा योजना (ईएसआईसी) अस्पताल का अचानक निरीक्षण किए जाने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर उठे सवालों के बीच बुधवार को राज्य कामगार बीमा योजना के निदेशक अशोक थोरात ने भी अस्पताल का आकस्मिक दौरा किया।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सेवाओं की समीक्षा की। दरअसल स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने रात करीब 8 बजे अस्पताल का औचक दौरा कर अव्यवस्था पर चिंता जताई थी और मरीजों सेवाओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत निदेशक थोरात ने अस्पताल पहुंचकर विभिन्न विभागों का विस्तृत निरीक्षण किया।
उन्होंने बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी), कैजुअल्टी, अतिदक्षता विभाग, किचन तथा ऑपरेशन थिएटर का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था और मरीजों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री के विशेष कार्य अधिकारी तथा स्वास्थ्य विभाग के कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उनके साथ उपस्थित थे।
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ओपीडी, आईपीडी भी बढ़ी
निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रशासन ने निदेशक को अस्पताल की वर्तमान कार्यप्रणाली और मरीजों को दी जा रही सेवाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि विदर्भ क्षेत्र के कामगारों और उनके परिवारों के उपचार के लिए यह अस्पताल एक महत्वपूर्ण और प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है।
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यहां पिछले कुछ समय में मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। बाह्य रोगी विभाग में पिछले वर्ष की तुलना में मरीजों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। इसी प्रकार आंतर रोगी विभाग (आईपीडी) में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है।
इसके साथ ही पहले जिन मरीजों को मेडिकल कॉलेज या निजी अस्पतालों में रेफर करना पड़ता था उनकी संख्या में अब कमी आई है जिससे यह संकेत मिलता है कि अस्पताल में उपचार सुविधाएं पहले की तुलना में अधिक प्रभावी और बेहतर हुई हैं। इस दौरान वैद्यकीय अधिकारी डॉ. वैशाली व्यवहारे, डॉ. भावना चौधरी, निवासी चिकित्सा अधिकारी डॉ. किशोर गिरी, डॉ. मीनल खरे सहित अन्य डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारी उपस्थित थे।
