नागपुर में अतिक्रमण पर सख्ती, 1500 स्क्वेयर फीट तक ही नियमितीकरण; 17 लाख करोड़ के निवेश से रोजगार का बड़ा दावा
Nagpur Encroachment Policy: नागपुर में 2011 से पहले 1500 वर्गफुट तक के आवासीय अतिक्रमण नियमित होंगे। व्यावसायिक व वन क्षेत्र बाहर रहेंगे, सरकार ने सड़क, रोजगार और ड्रग्स विरोधी अभियान पर भी जोर दिया।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर अतिक्रमण नीति, बावनकुले बयान, (सोर्स: सोशल मीडिया)
Rural Road Scheme Maharashtra: पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि 1 जनवरी 2011 से पहले आवासीय उपयोग के लिए सरकारी जमीन पर हुए और 1500 वर्ग फुट तक के अतिक्रमण को ही नियमित करने का निर्णय लिया गया है। इसमें व्यावसायिक, औद्योगिक, वन क्षेत्र या बाढ़ रेखा के भीतर के अतिक्रमण को मान्यता नहीं दी जाएगी।
वे नागपुर में प्रेस परिषद में बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि किसानों के खेतों तक सड़क, बिजली और पानी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पांधन रास्ता योजना के लिए 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
ड्रग्स विरोधी अभियान के बारे में कहा कि नागपुर पुलिस ने इम्स विरोधी अभियान में अत्याधुनिक मशीन का उपयोग शुरू किया है, जिससे संदिग्ध व्यक्ति द्वारा नशीले पदार्थों के सेवन की तुरंत जांच की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि नागपुर के इनर रिंग रोड पर अतिक्रमण हटाने के लिए जल्द ही बैठक कर कार्रवाई की जाएगी।
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‘ऑपरेशन यू-टर्न’ अभियान के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई कर सड़क सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा। रोजगार निर्माण के लिए 17 लाख करोड़ के करार पालक मंत्री ने बताया कि राज्य के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न कंपनियों के साथ 17 लाख करोड़ रुपये के समझौते किए गए हैं। इनमें से लगभग 80 प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों को मिले, इसके लिए सरकार प्रयासरत है।
डिजिटल जनगणना में करें सहयोग
बावनकुले ने बताया कि जनगणना पूरी तरह डिजिटल सिस्टम से की जाएगी। 1 मई से 15 मई के बीच स्व गणना का चरण चलाया जा रहा है। इसके बाद 16 मई से 14 जून तक घर-घर गणना की जाएगी, नागरिकों से अपील की कि वे स्व गणना में सक्रिय रूप से भाग लें। उन्होंने बताया कि स्वतंत्र भारत की यह आठवी जनगणना होगी और पहली बार नागरिकों की स्व गणना का अधिकार दिया गया है।
नागपुर जिले में 18, 420 प्रगणक, 227 पर्यवेक्षक और 169 चार्ज अधिकारी नियुक्त किए गए है। नागरिकों से अपील की गई है कि ये सही और सटीक जानकारी देकर सहयोग करें इसमें जनसंख्या, साकरता, रोजगार, पलायन, आर्थिक स्थिति, धर्म और जाति जैसे विभिन्न पहलुओं की जानकारी एकत्र की जाएगी।
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स्व गणना एप में जातिवार जानकारी भरने के लिए आवश्यक कॉलम भी उपलब्ध है। देश में खाने वाले कैवल भारतीय नागरिक ही जनगणना में शामिल होंगे। बाग्लादेशीय अन्य विदेशी नागरिकों को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा।
