‘डबल’ मतदाताओं को देना होगा हलफनामा: नागपुर जिला कलेक्टर डॉ. विपिन इटनकर
Nagpur District Administration: नागपुर जिले में नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों से पहले प्रशासन ने ‘डबल’ मतदाताओं पर सख्ती दिखाई है।
- Written By: आंचल लोखंडे
‘डबल’ मतदाताओं को देना होगा हलफनामा
Nagpur News: मतदाता सूची में ‘डबल’ नामों (एक ही व्यक्ति का नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज) को लेकर चल रहे विवादों के बीच राज्य चुनाव आयोग सतर्क हो गया है, ताकि कोई भी मतदाता दो जगह मतदान न कर सके। जिला कलेक्टर डॉ. विपिन इटनकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि प्रशासन ने इस समस्या से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं।
दो स्टार चिह्न: मतदाता सूची में जिन मतदाताओं के नाम दो या अधिक स्थानों पर दर्ज हैं, उनके नाम के आगे ‘दो स्टार’ (*) का निशान लगाया जाएगा।
कर्मचारी करेंगे संपर्क: चुनाव कर्मचारी ऐसे मतदाताओं के घर जाकर उनसे संपर्क करेंगे और लिखित रूप से पूछेंगे कि वे किस मतदान केंद्र पर वोट डालेंगे।
सम्बंधित ख़बरें
क्या पीएम मोदी को पैदल चलना चाहिए? PM काफिले को लेकर हमलावर हुए विपक्ष पर संजय निरुपम का पलटवार
महाराष्ट्र कन्यादान योजना: बेटियों की शादी के लिए सरकार दे रही ₹25,000 की मदद, जानिए आवेदन प्रक्रिया
वीकेंड पर घूमने का बना रहे प्लान? महाराष्ट्र के इन ट्रैकिंग स्पॉट का लें मजा, लास्ट स्पॉट जन्नत से कम नहीं
PM मोदी की अपील का असर: महाराष्ट्र के 12 विधायकों का विदेश दौरा रद्द, विधानसभा अध्यक्ष का बड़ा फैसला
मतदान केंद्र पर हलफनामा: यदि कोई मतदाता पूर्व में लिखित जानकारी नहीं देता है और मतदान केंद्र पर उपस्थित होता है, तो ‘दो स्टार’ की पहचान से उसकी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। ऐसे मतदाता को मतदान से पहले यह हलफनामा देना होगा कि वह किसी अन्य केंद्र पर मतदान नहीं करेगा। इसके बाद ही उसे मतदान की अनुमति दी जाएगी।
अंतिम सूची: 7 तारीख को प्रभागवार अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
ये भी पढ़े: अंबाझरी की 44 एकड़ जमीन वापस लेगी मनपा, एमटीडीसी की विफलता के कारण थीम पार्क योजना स्थगित
चुनाव और कर्मचारी विवरण
- नागपुर जिले की 15 नगर परिषदों और 12 नगर पंचायतों के लिए चुनाव होंगे।
- 1 जुलाई की मतदाता सूची को मान्य माना गया है। अब इसमें कोई नया नाम जोड़ा या हटाया नहीं जा सकेगा।
- कुल 546 सदस्य और 27 नगराध्यक्ष चुने जाएंगे।
- कुल 374 प्रभाग बनाए गए हैं।
- लगभग 4,455 अधिकारी और कर्मचारी इस चुनाव प्रक्रिया में प्रत्यक्ष रूप से शामिल रहेंगे।
- आचार संहिता केवल संबंधित चुनाव क्षेत्र तक ही सीमित रहेगी।
