लिस आयुक्त रविन्द्र कुमार सिंगल, विशेष पुलिस महानिरीक्ष संदीप पाटिल, पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार (सौजन्य-सोशल मीडिया)
E-Governance Ranking Maharashtra: राज्य में विभागीय आयुक्त कार्यालय, जिलाधिकारी कार्यालय, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस आयुक्त कार्यालय, सभी एसपी कार्यालयों, जिला परिषद कार्यालयों को 150 दिनों का ई-गर्वनेंस सुधार कार्यक्रम दिया गया था। इसमें नागपुर जिलाधिकारी कार्यालय राज्य में पहले 5 स्थानों में अपनी जगह नहीं बना पाया।
150 दिनों के इस अभियान के तहत कामकाज का भारतीय गुणवत्ता परिषद की ओर से मूल्यांकन किया गया जिसमें जलगांव प्रथम, ठाणे द्वितीय, धाराशिव तृतीय, लातूर चौथे और कोल्हापुर जिलाधिकारी कार्यालय पांचवें स्थान पर रहा। नागपुर पीछे रह गया।
नागपुर जिलाधिकारी ने भी बाजी मारने के लिए काफी प्रयास किया। कार्यालयीन कामकाज को ऑनलाइन किया। 80 फीसदी फाइलों का निपटारा ऑनलाइन पद्धति से किया गया। रिकॉर्ड रूम डिजिटल किया गया। कर्मचारियों की हाजिरी के लिए हाजिरी एप तैयार किया गया।
विविध कार्यों के लिए एप तैयार किये गए। कामकाज में पारदर्शिता लाई गई लेकिन परिषद ने मूल्यांकन में उपरोक्त जिलाधिकारी कार्यालयों को पहले 5 क्रमांक पर रखा। नागपुर को जगह नहीं मिल पायी।
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विशेष पुलिस महानिरीक्षक कार्यलय नागपुर को ई-गर्वनेंस व वेबसाइट डेवलपमेंट के लिए पुरस्कृत किया गया। पुलिस आयुक्त कार्यालय एवं अधीक्षक कार्यालय को आपले सरकार प्रणाली, ई-ऑफिस, वाट्सएप चैटबाट के लिए द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुलिस आयुक्त रविन्द्र कुमार सिंगल, विशेष पुलिस महानिरीक्षक संदीप पाटिल और पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार का सम्मान किया। इस अभियान के तहत पुलिस कार्यालयों ने अपनी वेबसाइट, आपले सरकार सिस्टम, डैशबोर्ड, चैटबॉट, एआई और ब्लॉकचेन के कार्यालय में उपयोग और जीआईएस के उपयोग में उल्लेखनीय कार्य किया।