नागपुर में बनेगा ‘डिजास्टर डेटा सेंटर’, राजस्व विभाग को मिलेगी डिजिटल सिक्योरिटी, सरकार का बड़ा ऐलान
Nagpur Disaster Data Center: महाराष्ट्र के राजस्व विभाग का डिजिटल कायापलट शुरू हो गया है। नागपुर में नया ‘डिजास्टर डेटा सेंटर’ स्थापित होगा जिससे जमीन से जुड़े सरकारी कार्य तेज हुए है।
- Written By: प्रिया जैस
चंद्रशेखर बावनकुले (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Maharashtra Revenue Department: छोटी-छोटी तकनीकी अड़चनों के कारण किसानों के काम किसी भी स्थिति में नहीं रुकने चाहिए। यह निर्देश राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने राजस्व विभाग के स्वतंत्र डेटा सेंटर और विभाग के तकनीकी सशक्तिकरण को लेकर आयोजित बैठक में दिया।
उन्होंने कहा कि जमीन से संबंधित डेटा अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण है और उसकी सुरक्षा और विभाग के सशक्तिकरण के लिए अधिकारियों को पूरी तैयारी करनी होगी। राज्य के किसानों और आम नागरिकों के जमीन से जुड़े कार्य घर बैठे और सरलता से पूरे हो सकें, इसके लिए राजस्व विभाग का संपूर्ण डिजिटलीकरण और आधुनिकीकरण कर कायापलट किया जाएगा।
‘डिजास्टर रिकवरी’ साइट बनेगी सशक्त
बैठक में अपर मुख्य सचिव विकास खरगे, जमाबंदी आयुक्त सुहास दिवसे, पंजीयन महानिरीक्षक रवींद्र बिनवडे सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में नवी मुंबई के ऐरोली में डेटा सेंटर कार्यरत है लेकिन प्राकृतिक आपदा या तकनीकी खराबी की स्थिति में काम बाधित न हो, इसके लिए ‘डिजास्टर रिकवरी’ साइट को और सशक्त बनाना आवश्यक है।
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इसी के तहत नागपुर में डिजास्टर डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा तथा मुंबई स्थित डेटा सेंटर का भी आधुनिकीकरण किया जाएगा। मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने राजस्व विभाग को आईटी विभाग के माध्यम से आवश्यक स्थान और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
आधुनिकीकरण समय की जरूरत
बावनकुले ने कहा कि राज्य के कोने-कोने की भूमि की मापजोख और रिकॉर्ड को अपडेट करना आवश्यक है। ई-फेरफार, ई-मैजरमेंट 2.0, ई-पीक पाहणी, महाभूमि पोर्टल जैसे 55 से अधिक एप्लिकेशनों का भार वर्तमान में प्रणाली पर है। भविष्य में पूरे राज्य की जमीन का डेटा डेटा सेंटर पर लाया जाना है, इसलिए इस प्रणाली में किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भूमि अधिग्रहण और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों को तेज गति से पूरा करने के लिए आधुनिकीकरण समय की आवश्यकता है।
