नागपुर: साइबर ठगों का नया जाल, डिजिटल अरेस्ट के नाम पर वृद्ध दंपति से 33 लाख की ठगी
Nagpur Digital Arrest Fraud: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगों ने नागपुर में वृद्ध दंपति से 33 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, घटना ने ऑनलाइन ठगी पर चिंता बढ़ाई।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर डिजिटल अरेस्ट ठगी (सोर्स: सौजन्य AI)
Nagpur Cyber Scam Elderly Couple: नागपुर शहर में डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर साइबर ठगों ने वृद्ध दंपति को 33 लाख रुपये का चूना लगा दिया। साइबर पुलिस ने 80 वर्षीय पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। पीड़ित वृद्ध मुंबई रेलवे विकास कार्पोरेशन के पूर्व महानिदेशक हैं। अपनी पत्नी के साथ न्यू कॉलोनी में रहते हैं।
विगत 16 अप्रैल को पति-पत्नी घर पर ही मौजूद थे। इसी दौरान एक व्यक्ति ने उन्हें फोन किया। खुद को एटीएस का अधिकारी बताया। उनके आईसीआईसीआई बैंक खाते से 2 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन होने की जानकारी दी। उनके खिलाफ लखनऊ में मनी लॉडिंग का केस दर्ज होने की जानकारी दी।
पूछताछ के लिए उन्हें तत्काल लखनऊ आने को कहा, पत्नी ने भी सारा संभाषण सुना और इस उम्र में वहां आना संभव नहीं होगा कहा। इसके बाद आरोपी ने सहानुभूति दिखाई और कहा कि सारा प्रोसेस आला अधिकारी फोन पर ही कर देंगे।
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कुछ घंटे बाद दूसरे आरोपी ने उन्हें कॉल किया, दोनों को घर के बाहर न निकलने की चेतावनी दी और इस बारे में किसी को कुछ बताने पर गिरफ्तारी का डर दिखाया गया।
दोपहर को आरोपी ने उन्हें पुलिस की वर्दी में वीडियो कॉल किया, बैंक खाते से जुड़े ट्रांजेक्शन की डिटेल भेजी और सिग्नल एप्लिकेशन डाउनलोड करने को कहा।
इसके बाद आरोपियों ने उनसे बैंक खाते और एफडी से जुड़ी जानकारी मांगी। किसी को कुछ बताए बिना अपनी एफडी तुडाकर समय-समय पर रकम आरोपियों के अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने को कहा।
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पीड़ित दंपति ने अपनी एफडी तुड़वाकर आरोपियों के खातों में 3 बार में 33 लाख रुपये ट्रांसफर किए, ठगों ने उन्हें अगले ही दिन रकम वापस मिलने का झांसा दिया लेकिन तब से उनके सारे नंबर बंद थे।
किसी नंबर पर जवाब नहीं मिला, पीड़ित वृद्ध ने रिश्तेदार को जानकारी दी। ठगी का पता चलने पर पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने आईटी एक्ट और धोखाधडी सहित विविध धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
