नागपुर: डागा अस्पताल के NICU में लगी आग, स्वास्थ्य कर्मियों की मुस्तैदी से बचाई गई 38 नवजात शिशुओं की जान
Nagpur Daga Hospital: नागपुर के डागा अस्पताल के एनआईसीयू वार्ड में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। अस्पताल कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए सभी 38 नवजात शिशुओं को सुरक्षित बाहर निकाला और त्रासदी टाल दी।
- Written By: रूपम सिंह
नागपुर डागा अस्पताल (सोर्स- सोशल मीडिया)
Nagpur NICU Fire Daga Hospital: नागपुर शहर में डागा अस्पताल के नवजात शिशु अतिदक्षता विभाग (एनआईसीयू) में उस वक्त हड़कंप मच गया जब वहां अचानक आग लग गई। धुएं के गुबार के बीच अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों की मुस्तैदी ने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया।
वार्ड में भर्ती सभी 38 नवजात शिशुओं को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया जिससे कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई। घटना गुरुवार सुबह करीब 10 बजे की है। बताया जा रहा है कि एनआईसीयू वार्ड में अचानक धुआं भरना शुरू हो गया जिसे देख डॉक्टर, नर्स और वहां मौजूद माता-पिताओं में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।
प्राथमिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। वार्ड में उस समय 38 शिशुओं का इलाज चल रहा था जिनकी जान पर संकट मंडराने लगा था। आग की भनक लगते ही अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों ने गजब की तत्परता दिखाई। धुएं के बीच जान जोखिम में डालकर सभी शिशुओं को वार्ड से बाहर निकाला गया। कुछ बच्चों को अस्पताल के ही सुरक्षित वार्डों में शिफ्ट किया गया। एहतियात के तौर पर कई शिशुओं को तत्काल मेयो अस्पताल स्थानांतरित किया गया है।
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प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी
मौके पर मौजूद परिजनों ने बताया कि अचानक धुआं फैलते ही चीख-पुकार मच गई थी। सुरक्षा गार्ड और नर्सिंग स्टाफ ने तुरंत मोर्चा संभाला और स्थिति को नियंत्रण में लिया। राहत की बात यह रही कि समय रहते रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के कारण किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
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सुरक्षा पर गंभीर सवाल
इस अग्निकांड ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की फायर सेफ्टी (अग्निशमन सुरक्षा) पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने घटना के कारणों का पता लगाने के लिए आधिकारिक जांच शुरू कर दी है। मरीजों के परिजनों ने मांग की है कि शासकीय अस्पतालों में नियमित फायर ऑडिट हो और आपातकालीन उपकरणों की स्थिति की जांच की जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो।
